अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने फिर उगला जहर, अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने एक कार्यक्रम में भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय व्यवस्था का जिक्र करते हुए अपनी चिंता जताई, जबकि भारत पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है।;

Update: 2026-06-18 03:19 GMT

वॉशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर ने एक बार फिर भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर विवादित टिप्पणी की है। अमेरिका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न बढ़ रहा है और इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उनके बयान ने एक बार फिर भारत-अमेरिका राजनीतिक विमर्श में बहस छेड़ दी है।

यह टिप्पणी जून की शुरुआत में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई थी, जिसका आयोजन इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) ने किया था। कार्यक्रम के वीडियो हाल ही में सार्वजनिक हुए हैं, जिनमें इल्हान उमर भारत की स्थिति पर अपनी राय व्यक्त करती दिखाई दे रही हैं।

मोदी सरकार और व्यवस्था का किया जिक्र

अपने संबोधन में इल्हान उमर ने कहा कि भारत में जो घटनाएं सामने आ रही हैं, उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि यह केवल किसी एक सरकार का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनकी नजर में यह एक व्यापक संस्थागत चुनौती बनती जा रही है।

उमर ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी रहनी चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई नया आधिकारिक आंकड़ा या स्वतंत्र रिपोर्ट पेश नहीं की।

‘आठवें चरण’ की अवधारणा का उल्लेख

इल्हान उमर ने अपने बयान में ‘नरसंहार के आठवें चरण’ की अवधारणा का भी जिक्र किया। यह अवधारणा अमेरिकी शोधकर्ता ग्रेगरी एच. स्टैंटन द्वारा प्रस्तावित ‘Genocide Stages’ मॉडल से जुड़ी है। इस मॉडल के अनुसार आठवां चरण उत्पीड़न (Persecution) से संबंधित माना जाता है, जिसमें किसी समुदाय के अधिकारों पर व्यवस्थित दबाव या भेदभाव के आरोप शामिल हो सकते हैं।

हालांकि इस अवधारणा का उपयोग विभिन्न देशों और परिस्थितियों के संदर्भ में विवाद का विषय रहा है और इसे लेकर विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग राय मौजूद हैं।

भारत पहले भी खारिज कर चुका है ऐसे आरोप

भारत सरकार और विदेश मंत्रालय कई अवसरों पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न संबंधी आरोपों को खारिज कर चुके हैं। भारतीय अधिकारियों का कहना रहा है कि देश का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है और भारत एक बहुलतावादी लोकतंत्र है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग साथ रहते हैं।

हाल के वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी स्पष्ट किया है कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हैं और सभी नागरिकों को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।

क्या है IAMC?

इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) अमेरिका में पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहता है। यह संगठन समय-समय पर भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर अपनी रिपोर्ट और अभियान चलाता रहा है।

इल्हान उमर के ताजा बयान के बाद एक बार फिर भारत और अमेरिका के राजनीतिक एवं कूटनीतिक हलकों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि भारत की ओर से फिलहाल इस विशेष टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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