देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट

देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित।;

Update: 2026-07-10 04:58 GMT
नई दिल्ली। देश के शेष हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने के साथ ही पूरे भारत में वर्षा गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर जलभराव, लंबा जाम और बिजली आपूर्ति में व्यवधान के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बिगड़े हालात

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार दोपहर तक जारी रही। राजधानी के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सफदरजंग में 72.6 मिमी और तुखमीरपुर में 160 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली में आज बारिश का यलो अलर्ट जारी

दिल्ली में अगले छह दिन तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

18 राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा पूर्वोत्तर राज्यों में 12 जुलाई तक तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद वर्षा की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है।

उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट

लगातार वर्षा से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पश्चिमी जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

पहाड़ी और तटीय राज्यों में भी असर

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में नदियां उफान पर हैं तथा कई मार्ग भूस्खलन से बाधित हुए हैं। किन्नौर में बाढ़ के कारण एक लोहे का पुल डूब गया, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। केरल के वायनाड में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। महाराष्ट्र में भी भारी बारिश से जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

बारिश से सुधरी राजधानी की हवा

लगातार वर्षा के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अच्छी’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों में एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

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