धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान कृष्ण पर दिए बयान पर मांगी माफी, बोले- मैं कृष्ण विरोधी नहीं हूं

भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित टिप्पणी को लेकर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राम-कृष्ण में भेद करना नहीं था। किसी को ठेस पहुंची तो वे क्षमा मांगते हैं।;

Update: 2026-11-02 11:07 GMT

नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अब सफाई दी है। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि वे भगवान कृष्ण के विरोधी नहीं हैं। कथा के दौरान उन्होंने भावावेश में भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए कुछ बातें कही थीं, जिनका गलत अर्थ निकाला गया। शास्त्री ने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे विनम्रता से माफी मांगते हैं।

भाव में कही थी बात, लोगों ने निकाला गलत अर्थ: धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर भावपूर्ण अंदाज में उलाहना दिया था। उनका कहना था कि भगवान राम सीधे हैं, जबकि ठाकुर जी यानी श्रीकृष्ण टेढ़े हैं। शास्त्री के मुताबिक, उनकी बात को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया और कई जगह इसका गलत अर्थ निकाला गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच कोई भेद पैदा करना नहीं था। यह बात उन्होंने भक्ति और प्रेम के भाव में कही थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे गोपियां भगवान कृष्ण को उलाहना देती हैं और संत अपने आराध्य के प्रति प्रेम में शिकायत करते हैं, उसी तरह उन्होंने भी एक प्रचलित पद के भाव को समझाते हुए टिप्पणी की थी।

बोले- मैं खुद ठाकुर जी और ब्रज का भक्त हूं

शास्त्री ने कहा कि वे स्वयं ठाकुर जी के भक्त हैं और ब्रज में निवास करने की इच्छा रखते हैं। वे अपनी प्रार्थनाओं में भी भगवान से ब्रजवास की कामना करते हैं। उन्होंने बताया कि वे श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भी भगवान कृष्ण के गुणों का बखान करते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के प्रति उनकी आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। वे कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर भी कई बार आवाज उठा चुके हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके जीवन में भगवान ठाकुर जी का विशेष स्थान है और उन्हीं की कृपा से उनका जीवन चल रहा है।

करेरा की कथा में दिया था विवादित बयान

दरअसल, मध्य प्रदेश के करेरा में कथा सुनाने के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं और बांसुरी बजाते हैं, जबकि उनके अनुसार भगवान राम का स्वरूप सीधा है। उन्होंने भगवान राम के नाम, चाल और स्वरूप को भी सीधेपन से जोड़कर बताया था।

इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इसे भगवान कृष्ण के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताया।

किसी को ठेस पहुंची तो हाथ जोड़कर मांगी क्षमा

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनकी पूरी बात सुने बिना उन्हें कृष्ण विरोधी घोषित कर दिया गया। उन्होंने दोहराया कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। साथ ही उन्होंने विनम्रता से कहा कि यदि उनके शब्दों या भाव की व्याख्या से किसी श्रद्धालु को ठेस पहुंची है तो वे क्षमा मांगते हैं। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद विवाद को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

Tags:    

Similar News