चक्रवात 'अर्नब' का तांडव: ओडिशा में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश; आंध्र प्रदेश के तट से टकराने को तैयार तूफान, अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में उठा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तेजी से पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में इसके आंध्र प्रदेश तट से टकराने (Landfall) की आशंका के बीच ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी जारी है।;

Update: 2026-10-27 06:46 GMT
नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर पूर्वी तटीय भारत में साफ देखने को मिल रहा है। ओडिशा के कई इलाकों में मंगलवार सुबह से ही तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अर्नब पिछले छह घंटों के दौरान 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। सुबह 5:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी में विशाखापत्तनम से महज 260 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था।

ओडिशा में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

तूफान की गंभीरता को देखते हुए IMD ने ओडिशा के 6 प्रमुख जिलों—पुरी, गजपति, गंजाम, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। इन इलाकों में 12 से 20 सेमी तक अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

इसके अलावा, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, क्योंझर, मयूरभंज, कंधमाल, कालाहांडी, नबरंगपुर, खुर्दा, नयागढ़, जगतसिंहपुर, नुआपाड़ा, बलांगीर और बौध जैसे 16 जिलों में येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया गया है, जहाँ 7 से 11 सेमी तक बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का खतरा, तेज हवाओं की चेतावनी

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के मुताबिक, चक्रवात 'अर्नब' के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटों से टकराने की प्रबल संभावना है।

लैंडफॉल का समय

तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तट को पार करने की आशंका है।

हवा की रफ्तार

तट से टकराते समय हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

प्रभावित क्षेत्र

 उत्तरी तटीय आंध्र और श्रीकाकुलम जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है।

प्रशासन की तैयारी और सुरक्षित निकासी

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। तटीय एवं निचले संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय बचाव टीमों के साथ आवश्यक उपकरण तैनात कर दिए गए हैं। खतरे वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट करने का कार्य तेजी से जारी है।

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