ज्ञानेश कुमार पर कॉकरोच जनता पार्टी की चुप्पी, 5 दिन से अभिजीत दीपके ने नहीं लिया नाम; दास-रांका भी खामोश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अब इस मुद्दे पर शांत नजर आ रहे हैं। अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका की गतिविधियों से आंदोलन की आगे की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।;

Update: 2026-10-26 06:39 GMT

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तेवर अब पहले जैसे नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ समय पहले तक इस मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान चलाने वाले पार्टी के प्रमुख चेहरे अब अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रहे हैं। अभिजीत दीपके ने पांच दिनों से ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर कोई पोस्ट नहीं किया है, जबकि सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की ओर से भी इस मुद्दे पर हाल के दिनों में बहुत कम प्रतिक्रिया आई है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को बताया था सबसे बड़ा लक्ष्य

रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग में कथित असहमति से जुड़ी खबर सामने आने के बाद सीजेपी ने अपने दूसरे अभियानों को पीछे रखते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्राथमिकता दी थी। पार्टी ने इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया था।

इससे पहले नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाने वाली सीजेपी के नेताओं का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा था। हालांकि, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, हिरासत और गिरफ्तारी जैसी घटनाओं के बीच आगे बढ़ाने में मुश्किलें आईं।

इसके बाद दीपके ने त्योहार के दौरान आंदोलन से विराम लेने की बात कही और समर्थकों से दिवाली तक परिवार के साथ समय बिताने की अपील की।

21 अक्टूबर के बाद दीपके की पोस्ट में नहीं आया नाम

अभिजीत दीपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सक्रिय हैं और कई राजनीतिक तथा सामयिक मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। उनके हालिया पोस्ट में चीन सीमा, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक, दिल्ली मेट्रो में विवादित पोस्टर, दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम और भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान जैसे विषय शामिल रहे हैं।

लेकिन इन पोस्टों में ज्ञानेश कुमार या विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कोई टिप्पणी नहीं दिखाई दी। 21 अक्टूबर को दीपके ने सौरभ दास और आशुतोष रांका का एक वीडियो साझा किया था, जिसमें ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई गई थी। इसके बाद से इस मुद्दे पर उनकी सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दास और रांका भी आगे की रणनीति पर खामोश

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास भी फिलहाल आंदोलन की अगली रूपरेखा को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा करते नजर नहीं आए हैं। रांका ने 24 अक्टूबर को अपने और दास के पुराने बयान को साझा किया था, जिसमें दोनों नेताओं ने आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श की बात कही थी।

वहीं, सौरभ दास ने 22 अक्टूबर को ‘ज्ञानू हैज टू गो’ संदेश को एक्स पर पिन किया था। हालांकि, इसके बाद उनकी पोस्ट में दूसरे मुद्दे प्रमुख रहे।

क्या त्योहार के बाद फिर तेज होगा आंदोलन?

फिलहाल नेताओं की चुप्पी से यह स्पष्ट नहीं है कि सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान स्थगित किया है या केवल अस्थायी विराम लिया है। दीपके के मुताबिक, दास और रांका परिवार के साथ समय बिता रहे थे और आगे की रणनीति पर मिलकर चर्चा की जानी थी।

ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि त्योहार के बाद सीजेपी अपने आंदोलन को दोबारा तेज करती है या ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उसकी रणनीति में बदलाव आता है।

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