अभिजीत दीपके के करीबी सौरभ दास बोले- सरकार के लिए इंसानी बम की तरह हैं हम, कहीं भी फट जाते हैं
सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास ने तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद कहा कि वे सरकार के लिए इंसानी बम की तरह हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपना पहला टारगेट बताया।;
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अभिजीत दीपके के करीबी माने जाने वाले दास ने एक इंटरव्यू में कहा कि वे सरकार के लिए इंसानी बम की तरह हैं और कहीं भी पहुंचकर फट जाते हैं। हालांकि, उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही। तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने अपने आंदोलन की अगली रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
ज्ञानेश कुमार को बताया अपना नंबर वन टारगेट
'रेड माइक' को दिए इंटरव्यू में सौरभ दास ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उनके आंदोलन का पहला निशाना हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने वाली नहीं है। दास के मुताबिक, जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
उनके इस बयान से साफ है कि तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद भी CJP ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।
तिहाड़ जेल में कैसा रहा एक सप्ताह का अनुभव?
इंटरव्यू के दौरान जब सौरभ दास से जेल में बिताए समय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें तिहाड़ में रहना अच्छा लगा। उन्होंने जेल के माहौल को अपनी पहले से बनी धारणा से अलग बताया। दास के मुताबिक, तिहाड़ में काफी खुली जगह और हरियाली है। वहां की व्यवस्था भी उन्हें ठीक लगी।
उन्होंने बताया कि उनका आंदोलन काफी हद तक ऑनलाइन गतिविधियों पर निर्भर करता है, इसलिए जेल में मोबाइल और गैजेट की कमी महसूस हुई। बाहर रहते हुए वह एक समय में दो फोन इस्तेमाल करते थे, लेकिन जेल में उन्हें फोन की आदत से दूरी बनाने का मौका मिला।
जेल में रहते हुए किताब लिखने का आया विचार
सौरभ दास ने बताया कि जेल जाते समय उनके मन में वहां के अनुभवों को याद रखने और भविष्य में किताब लिखने का विचार आया था। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा था कि वह लंबे समय तक जेल में नहीं रहेंगे, लेकिन अगर ऐसा होता तो वह उसका सामना करने के लिए भी तैयार थे।
आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी का था अंदेशा
इंटरव्यू में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और आपराधिक साजिश के मामले का भी जिक्र हुआ। इस पर दास ने हंसते हुए कहा कि सरकार के लिए वे 'ह्यूमन बॉम्ब' यानी इंसानी बम की तरह हैं, जो कहीं भी जाकर फट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़ते समय ही उन्हें अंदेशा था कि सरकार उन्हें जेल भेज सकती है, लेकिन इतने दिनों तक जेल में रहना पड़ेगा, इसका अनुमान नहीं था।
सौरभ दास के बयान के बाद CJP का आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उसकी रणनीति एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।