सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए, संसद का मेन गेट बंद; अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन
CJP के संसद मार्च के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संसद भवन के आसपास पुलिस अलर्ट पर रही, अभिजीत दीपके ने 23 दिन बाद अनशन समाप्त किया, जबकि सोनम वांगचुक ने संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी।;
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद मार्च के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई। संसद भवन, जंतर-मंतर, राजीव चौक और संसद मार्ग सहित कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच झड़प हुई।
इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना 23 दिनों से जारी अनशन समाप्त करने की घोषणा की। उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया। बताया गया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद यह फैसला लिया गया।
संसद मार्च के दौरान कई जगह पुलिस से हुई झड़प
संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर सुरक्षा घेरा बनाया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई तथा संवेदनशील मार्गों पर आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी गई।
प्रदर्शनकारी संसद मार्ग तक पहुंचने का प्रयास करते रहे, जबकि पुलिस लगातार उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकती रही।
राजीव चौक और जंतर-मंतर में भारी भीड़
संसद मार्च के आह्वान के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और जंतर-मंतर क्षेत्र में एकत्र हुए। भीड़ बढ़ने से कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कुछ यात्रियों ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं में बाधा आने की शिकायत भी की। हालांकि प्रशासन की ओर से इंटरनेट सेवाओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
इस बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जानकारी दी कि सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिले हैं और वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें पहले की तरह स्पष्ट हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ कथित पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को लिखा पत्र
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों के अनुसार उनकी तबीयत स्थिर है और उन्हें हिरासत में नहीं रखा गया है, तो उन्हें लोगों से मिलने और शांतिपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।
अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक सामान्य हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
हाई कोर्ट में होगी याचिका पर सुनवाई
सोमवार दोपहर दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की अपील पर सुनवाई प्रस्तावित है। उन्होंने उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें एकल पीठ ने वांगचुक को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
प्रदर्शन से पहले लगाए गए आरोप
संसद मार्च शुरू होने से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर दावा किया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरा ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वाहन खड़ा किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इनका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आरोप लगाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से भी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली में संसद सत्र और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।