संसद मार्च के बीच जेपी नड्डा से मिले काकरोच पार्टी के नेता, रखीं तीन प्रमुख मांगें; अमित शाह ने भी धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात
NEET-UG पेपर लीक को लेकर संसद मार्च के बीच CJP नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन मांगें रखीं। अमित शाह ने भी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की, जबकि दिल्ली में सुरक्षा कड़ी रही।;
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने बताया कि वे दोपहर से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद रहे और उन्होंने पार्टी की मांगों को विस्तार से रखा। नेताओं के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया है, हालांकि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय या औपचारिक प्रतिबद्धता नहीं दी गई है।
CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं—
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या पद से हटाया जाना।
कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षा के तनाव में जान गंवाने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
CJP नेताओं का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नड्डा ने दिया चर्चा का भरोसा
सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि इन मांगों पर सरकार के उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जंतर-मंतर और आसपास के प्रदर्शन स्थलों पर अनावश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने का भरोसा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी मांग को स्वीकार करने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात
इसी बीच संसद भवन परिसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। अधिकारियों ने इस बैठक के एजेंडे या चर्चा के विषय पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। हालांकि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब विपक्ष और प्रदर्शनकारी लगातार NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
संसद मार्च के दौरान बढ़ाई गई सुरक्षा
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई।
पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।