चंडीगढ़ में बंदी सिखों की रिहाई को लेकर बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
चंडीगढ़ में बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया। पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।;
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की भी खबर है। इसके बाद मौके पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
तीन साल से जारी है धरना
कौमी इंसाफ मोर्चा पिछले करीब तीन वर्षों से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा के पास बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर धरना दे रहा है। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर जाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेड लगाए थे।
प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस का सहारा लिया। घटनास्थल पर काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
मरीज के भेष में पहुंचे सिमरनजीत सिंह मान
प्रदर्शन के बीच पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान भी राजभवन के पास पहुंचे। बताया गया कि वह एक वाहन में मरीज के भेष में बैठे थे और उनके चेहरे पर पट्टियां बंधी थीं।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को वाहन पर संदेह हुआ। जांच के बाद उनकी पहचान सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
किन कैदियों की रिहाई की मांग?
प्रदर्शनकारी लंबे समय से जेल में बंद कुछ सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह के नाम शामिल हैं।
इनमें कई कैदी गंभीर आपराधिक और आतंकवाद से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का दावा है कि संबंधित कैदी अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं और इसलिए उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।