सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दुबई से भारत लाई गई करोड़ों की ठगी की आरोपी विशाखा राठौड़, पुणे एयरपोर्ट पर हुई गिरफ्तारी

सीबीआई ने इंटरपोल रेड नोटिस के जरिए UAE से वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपी विशाखा राठौड़ को भारत डिपोर्ट कराया। पुणे एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की।;

Update: 2026-08-05 11:16 GMT
पुणे। आर्थिक अपराधों के खिलाफ अभियान में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के समन्वय से करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर डिपोर्ट की गई विशाखा राठौड़ को 3 अगस्त 2026 को पुणे एयरपोर्ट पहुंचते ही महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम ने हिरासत में ले लिया।

सीबीआई के अनुसार, विशाखा राठौड़ लंबे समय से भारत में दर्ज एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में वांछित थी। उसके खिलाफ न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए उसे भारत लाया गया है।

निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगी का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, विशाखा राठौड़ ने अपने कई सहयोगियों के साथ मिलकर कथित रूप से निवेशकों को आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा दिया। लोगों से हर महीने निश्चित और ऊंचे रिटर्न का वादा कर बड़ी मात्रा में निवेश कराया गया।

आरोप है कि निवेशकों से जमा कराई गई रकम का वादा पूरा करने के बजाय उसे विभिन्न बैंक खातों और डीमैट खातों के जटिल नेटवर्क के माध्यम से दूसरी जगहों पर स्थानांतरित कर कथित रूप से गबन किया गया। इस मामले में कई पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी।

इंटरपोल रेड नोटिस से मिली सफलता

भारत से फरार होने के बाद जांच एजेंसियों ने विशाखा राठौड़ के खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस जारी कराने का अनुरोध किया था। रेड नोटिस जारी होने के बाद उसकी लोकेशन का पता लगाया गया और यूएई प्रशासन के सहयोग से उसे भारत डिपोर्ट कराया गया।

भारत में इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) के रूप में कार्य कर रही सीबीआई ने इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया। एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग मंच BHARATPOL के माध्यम से विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा, जिससे आरोपी को वापस लाना संभव हो सका।

भारत की कार्रवाई हुई और तेज

अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में विदेश भागे आर्थिक अपराधियों और अन्य वांछित आरोपियों को वापस लाने के प्रयासों में तेजी आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष के दौरान 27 फरार आरोपियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया।

इसके अलावा वर्ष 2024-25 के दौरान विदेशों में छिपे 71 वांछित आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक संख्या मानी जा रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जांच एजेंसियों और विदेशी सरकारों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत मिलता है।

महाराष्ट्र पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई

पुणे एयरपोर्ट पर हिरासत में लेने के बाद विशाखा राठौड़ को महाराष्ट्र पुलिस ने संबंधित अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर कथित वित्तीय लेनदेन, अन्य सहयोगियों की भूमिका और निवेशकों के धन के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएंगी।

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