यूपी चुनाव से पहले फिर एसआईआर का दावा, अखिलेश बोले- ‘भाजपा की साजिश से सावधान रहें’
यूपी में 2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने SIR को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। लखनऊ में कई नेताओं को सपा में शामिल कराते हुए उन्होंने मतदाता सूची को लेकर लोगों को सतर्क रहने को कहा।;
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले एक और SIR करा सकती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता से मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, SIR को लेकर उनका बयान राजनीतिक आरोप के तौर पर सामने आया है।
‘चुनाव से पहले फिर SIR करा सकती है भाजपा’
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में वोटों की कथित हेराफेरी के जरिए चुनाव जीता और अब उत्तर प्रदेश में भी मतदाता सूची को लेकर साजिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले फिर से SIR कराया जा सकता है और उसके बाद नई वोटर लिस्ट तैयार होगी।
अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की किसी भी प्रक्रिया पर नजर रखेगी और लोगों को अपने नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
PDA को लेकर भाजपा पर निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में संकीर्ण सोच रखने वाले लोग PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) से घबराए हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में PDA की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महंगाई पर नियंत्रण के लिए ‘दाम बांधो’ नीति लागू की जाएगी। सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर गरीबों की बजाय बड़े लोगों के हित में काम करने का आरोप लगाया।
मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मां के अपमान और चढ़ावे की चोरी का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा।
कई पूर्व विधायक सपा में शामिल
लखनऊ के कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से 2007 में बसपा विधायक रहे राम शिरोमणि शुक्ला ने सपा की सदस्यता ली। पीलीभीत की बरखेड़ा सीट से पूर्व सपा विधायक और अखिलेश सरकार में राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा ने भी पार्टी में वापसी की। वह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे।
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अब्दुल मन्नान ने भी सपा का दामन थामा। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा मौर्य, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्यों समेत कई स्थानीय नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण की।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राजेंद्र चौधरी समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान 2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया गया।