अखिलेश यादव ने भाजपा से पूछे बैंकिंग व्यवस्था पर 12 सवाल, बोले- जनता का पैसा कहां जा रहा?

अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भाजपा से 12 सवाल पूछे। बैंक शाखाएं बंद होने, साइबर ठगी, महंगे लोन, KYC और बैंक कर्मचारियों की कमी पर सरकार को घेरा।;

Update: 2026-10-17 09:50 GMT
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक से पोस्ट साझा करते हुए बैंकों की स्थिति, ग्राहकों की समस्याओं और कर्ज व्यवस्था पर सवाल उठाए। अखिलेश ने पूछा कि जब बैंक मजबूत होने के दावे किए जा रहे हैं, तो बैंक बेचे क्यों जा रहे हैं और गरीब ग्राहकों के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?

उनके सवालों में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं और एटीएम की उपलब्धता, केवाईसी प्रक्रिया, साइबर ठगी, महंगे कर्ज और बैंक कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं। सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार से इन विषयों पर जवाब मांगा।

बैंक मजबूत हैं तो शाखाएं और एटीएम क्यों बंद हो रहे?

अखिलेश यादव ने ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं और एटीएम के बंद होने पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि इससे आम लोगों को नकदी निकालने के लिए दूर जाना पड़ता है। उन्होंने किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और गारंटर के कर्ज उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी सवाल किया।

सपा अध्यक्ष ने बैंकों से भारी कर्ज लेकर विदेश भागने वाले लोगों को वापस लाकर सजा दिलाने में देरी का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही उन्होंने खातों से होने वाली कटौती और बार-बार केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को होने वाली परेशानी पर जवाब मांगा।

साइबर ठगी और महंगे लोन पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को पैसा वापस मिलने में होने वाली देरी पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि ठगी का शिकार हुए लोगों को बैंक और थाने के चक्कर क्यों लगाने पड़ते हैं।

उन्होंने होम लोन और शिक्षा ऋण की ब्याज दरों को लेकर भी सवाल उठाए। सपा प्रमुख ने कहा कि डिजिटल लेनदेन विफल होने पर ग्राहकों का पैसा कई दिनों तक अटका रहना और सिबिल (CIBIL) स्कोर में छोटी गलती के कारण युवाओं को कर्ज मिलने में परेशानी होना गंभीर विषय हैं।

बुजुर्गों की सुरक्षा और UPI सहायता पर जोर

सपा अध्यक्ष ने पूछा कि बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को यूपीआई तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रत्येक बैंक शाखा में सहायता काउंटर क्यों नहीं बनाए जाते। उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ग्राहकों को सुरक्षित लेनदेन के लिए मदद उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।

बैंक कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया

अखिलेश यादव ने बैंक कर्मचारियों की मांगों, नई भर्तियों में कमी और मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को लेकर भी सवाल किए। उनका कहना है कि कर्मचारियों पर दबाव बढ़ने से ग्राहक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

सपा प्रमुख के 12 सवालों के केंद्र में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा, कर्ज तक पहुंच और कर्मचारियों की स्थिति रही। उनकी पोस्ट के जरिए बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है। इन मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आने पर बहस के अलग-अलग पहलुओं को और स्पष्टता मिल सकती है।

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