देहरादून/बरेली: उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब कानूनी और राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। मंत्री की ओर से मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी गई है। एसपी देहात जया बलोनी की निगरानी में गठित एसआईटी आरोपों की जांच करेगी। दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मंत्री पर भ्रष्टाचार और करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने के बीच पुलिस जांच पर नजर बनी हुई है।
मंत्री ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
रेखा आर्या ने गुरुवार रात कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। मंत्री ने एक वीडियो जारी कर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया और आरोप लगाया कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश रची जा रही है। शिकायत में रेखा आर्या ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं और उनका विवाह वर्ष 2004 में बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से नहीं हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल में भर्ती मंत्री
रेखा आर्या की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और उनसे बातचीत करने का प्रयास किया। हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें बयान देने के लिए फिलहाल फिट नहीं बताया। ऐसे में पुलिस को उनका औपचारिक बयान दर्ज करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। एसआईटी का गठन मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच में शिकायत, कथित ऑडियो और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
गिरधारी लाल साहू ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मंत्री की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मंत्री के विभाग में पिछले दस वर्षों से भ्रष्टाचार हो रहा है और उन्होंने इस संबंध में पहले भी आपत्ति जताई थी। गिरधारी लाल साहू ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही उत्तराखंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्री की संपत्तियों और कथित भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उनके ये आरोप फिलहाल उनके अपने दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
17 साल साथ रहने और राजनीतिक सहयोग का दावा
अपने फेसबुक लाइव में गिरधारी लाल साहू ने दावा किया कि उन्होंने करीब 17 वर्षों तक रेखा आर्या के राजनीतिक सफर में उनका साथ दिया। उनके मुताबिक, परिचय के शुरुआती दौर में उन्होंने आर्थिक मदद की और चुनावों के दौरान भी समर्थन जुटाया। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव लड़ने के लिए उत्तराखंड जाने से इनकार करने के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ा। गिरधारी लाल साहू ने अपने जमीन के कारोबार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें गलत तरीके से पैसा कमाने की जरूरत नहीं है। उनके इन बयानों पर रेखा आर्या की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
वायरल ऑडियो को लेकर भी विवाद
गिरधारी लाल साहू ने एक पूर्व महिला मैनेजर के संदर्भ में वसूली से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित महिला मंत्री से जुड़े कुछ मामलों की जानकारी रखती थी। साथ ही, उन्होंने रेखा आर्या की ओर से जारी कथित ऑडियो को फर्जी बताते हुए उसके कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए जाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, रेखा आर्या ने इसी ऑडियो का हवाला देकर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। ऐसे में ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें मौजूद बातचीत और उससे जुड़े तथ्यों की जांच इस मामले में अहम होगी।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
गिरधारी लाल साहू ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मंत्री की संपत्तियों और विभाग में कथित भ्रष्टाचार की पड़ताल होनी चाहिए। वहीं, रेखा आर्या की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच एसआईटी करेगी। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस जांच, साक्ष्यों की पुष्टि और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।