8 घंटे की पूछताछ में पवन खेड़ा ने उगले राज? असम पुलिस ने अब इस बड़े कांग्रेसी नेता को भेजा समन

असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा विवाद में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को समन भेजा है। सुरजेवाला को 23 मई को गुवाहाटी में पेश होने का निर्देश दिया गया है।;

Update: 2026-05-19 04:43 GMT

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बाद अब असम पुलिस ने पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला पर शिकंजा कसा है। मामले की जांच कर रही असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुरजेवाला को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।

सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने सुरजेवाला को 23 मई को गुवाहाटी में जांच अधिकारियों के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि इसी महीने पवन खेड़ा से हुई कई घंटों की पूछताछ के दौरान जो बातें सामने आईं, उसी के आधार पर सुरजेवाला को यह समन भेजा गया है। इस घटनाक्रम से असम में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनातनी और तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर कथित तौर पर कुछ विवादास्पद टिप्पणियां की थीं। इन बयानों के बाद असम में एक शिकायत दर्ज कराई गई। इसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज करते हुए खेड़ा को पूछताछ के लिए गुवाहाटी बुलाया था।

इसी महीने खेड़ा क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद हालांकि खेड़ा ने जांच को लेकर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह जरूर साफ किया कि कांग्रेस असम की भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी।

जांच का दायरा बढ़ा रही पुलिस

इस केस ने अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं। जांच अधिकारी अब इस विवाद से जुड़े अन्य कथित बयानों और सोशल मीडिया नैरेटिव की भी गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने पहले ही इस बात के संकेत दिए थे कि मामले की तह तक जाने के लिए कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी पूछताछ की जा सकती है।

भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

रणदीप सुरजेवाला को औपचारिक तौर पर समन मिलने के बाद, पूछताछ के अगले दौर से पहले ही असम का सियासी पारा चढ़ने की उम्मीद है। कांग्रेस लगातार इस पूरी पुलिस जांच को राजनीति से प्रेरित बता रही है। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा पुलिस की इस कार्रवाई का बचाव कर रही है। भाजपा का साफ कहना है कि यह मामला सार्वजनिक विमर्श में गरिमा और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।

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