कोलकाता में श्यामा प्रसाद जयंती पर बड़ा कार्यक्रम; गृह मंत्री अमित शाह भी होंगे शामिल, प्रतिमा तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां एक ओर भाजपा और राज्य सरकार की ओर से बड़े स्तर पर कार्यक्रम और प्रतिमा स्थापना की तैयारी की जा रही है;

Update: 2026-07-05 17:49 GMT

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां एक ओर भाजपा और राज्य सरकार की ओर से बड़े स्तर पर कार्यक्रम और प्रतिमा स्थापना की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतिमा तोड़े जाने की घटना और उस पर उठे विवाद ने सियासी बयानबाजी को और तेज कर दिया है। इसी बीच भाजपा नेताओं ने टीएमसी पर तीखे हमले किए हैं।

पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कोलकाता पहुंचेंगे और कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा के तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि 6 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं। प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमि पूजन किया जाएगा। अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी न होते तो पश्चिम बंगाल न बनता। हम कहीं शरणार्थी बनकर रह रहे होते।

उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कारण ही पश्चिम बंगाल बना है और अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सरकार बनी है। अब उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सरकार का आभार जताना चाहता हूँ कि उसने उनकी प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया है। उन्होंने मांग की कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में किताबों में पढ़ाया जाना चाहिए कि कैसे पश्चिम बंगाल का निर्माण हुआ।

उन्होंने टीएमसी को डूबती हुई नाव बताया और कहा कि नाव डूब रही है, इसलिए लोग भाग रहे हैं। टीएमसी डूब रही है, इसलिए नेता इधर-उधर भाग रहे हैं। कोई कहीं भी भागकर जाए, जिसके नाम के साथ तृणमूल रहेगा, उसका डूबना तय है।

वहीं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को खंडित किए जाने पर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री उमेश राय ने कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है, उन्हें शायद पता नहीं है कि अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो यहां खड़े होने का भी हक न मिलता। बंटवारे के दौरान पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के हिस्से में जा रहा था, तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कारण ही पश्चिम बंगाल बच पाया था।

उन्होंने कहा कि अगर यहां कोई कुछ भी कर पा रहा है और उन्हें हक मिला है तो सिर्फ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कारण ही मिला है। जिन लोगों ने भी कुकृत्य किया है, उन्हें सजा जरूर मिलेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तोड़े जाने पर भाजपा प्रवक्ता कीया घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति उस दिन ही तहस-नहस हो गई थी, जब बांग्लादेश के स्लोगन का पूर्व की सरकार इस्तेमाल करती थी। गोपाल मुखर्जी का स्टेच्यू लगाने के लिए कोर्ट तक जाना पड़ा, आश्रम के अंदर रुकना पड़ा था। तब प्रदेश की संस्कृति को तोड़ने की कोशिश की गई थी, अब इसमें सुधार हो रहा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति तोड़ने वाले लोग वही होंगे। पुलिस उन्हें खोज निकालेगी।

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