पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत तेज! आंदोलनकारियों ने भारत से लगाई मदद की गुहार, कहा- LoC खत्म करो

PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज। वायरल वीडियो में आंदोलनकारी नेताओं ने भारत से मदद की अपील की। राशन संकट, गिरफ्तारियां और LoC पर दिए गए बयानों से बढ़ी चर्चा।;

Update: 2026-07-05 14:17 GMT
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि प्रशासन ने आंदोलन को दबाने के लिए सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, जिसके बाद कई इलाकों में जनाक्रोश बढ़ गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें आंदोलन से जुड़े नेता भारत के लोगों से सहायता की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इन वायरल वीडियो और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

नजरबंदी के बाद आंदोलन हुआ और उग्र

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल शौकत नवाज मीर को नजरबंद किए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है और बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारी लगातार अपने अधिकारों और प्रशासनिक सुधारों की मांग कर रहे हैं।

 भारत से मदद की अपील

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जेएएसी के नेता सरदार अमन खान कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वे राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की कमी का जिक्र करते हुए कहते हैं कि सीमा के इस पार रहने वाले लोग उनकी सहायता के लिए आगे आएं।

वीडियो में अमन खान कथित तौर पर मेंढर, पुंछ, राजौरी और डोडा के लोगों का नाम लेते हुए सहायता की अपील करते हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

LoC को लेकर दिए गए बयान से बढ़ी चर्चा

एक अन्य वायरल वीडियो में अमन खान कथित तौर पर नियंत्रण रेखा (LoC) को समाप्त करने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वे प्रदर्शनकारियों से सवाल करते हैं कि क्या उन्हें नियंत्रण रेखा की ओर बढ़ना चाहिए, जिस पर भीड़ समर्थन में नारे लगाती सुनाई देती है।

इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि इन वीडियो की प्रामाणिकता और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

आंदोलनकारी नेताओं का आरोप है कि पिछले एक महीने से प्रदर्शनकारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलनों के बावजूद प्रशासन की ओर से कठोर कार्रवाई की जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्थानीय संगठनों का दावा है कि आंदोलन अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक राजनीतिक अधिकारों और प्रशासनिक बदलाव की मांग तक पहुंच चुका है।

स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार

PoK से सामने आ रहे वीडियो और दावों को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही पाकिस्तान सरकार ने वायरल वीडियो में किए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

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