एमएसपी बढ़ाने से नहीं सुधरेगी किसानों की हालत:  एम एस स्वामीनाथन

खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 200 रुपये प्रति क्विन्टल बढ़ाने के ऐलान के बाद से मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन सवाल उठता है कि क्या केवल इस ऐलान से किसानों की स्थिति ठीक हो जाएगी

Update: 2018-07-05 11:57 GMT

नई दिल्ली।  खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 200 रुपये प्रति क्विन्टल बढ़ाने के ऐलान के बाद से मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन सवाल उठता है कि क्या केवल इस ऐलान से किसानों की स्थिति ठीक हो जाएगी।

देश में हरित क्रांति का जनक कहे जाने वाले कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन का भी मानना है कि केवल इस फैसले से किसानों की हालत नहीं सुधरेगी। इसके लिए सिफारिशों को मानना बेहद जरुरी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज कम दामों में मुहैया कराए जाने की जरुरत है। 

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने भी कल किसानों के बहाने 2019 में अपनी राजनीतिक फसल को जोतने के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 200 रुपये प्रति क्विन्टल बढ़ाने का ऐलान कियालेकिन केवल इस फैसले से किसानों की हालत नहीं सुधरेगी।

स्वामीनाथन आयोग के अध्यक्ष और कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन का कहना है कि पीएम मोदी को किसानों की स्थिति पर ध्यान देने की जरुरत है। हमने जो सिफारिशे की थी .वो अब भी पूरी नहीं हुई है। 

उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज कम दामों में मुहैया कराए जाने की जरुरत है। गांवों में किसानों की मदद के लिए विलेज नॉलेज सेंटर या ज्ञान चौपाल बनाया जाना चाहिए। महिला किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।

किसानों के लिए कृषि जोखिम फंड बनाया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के आने पर किसानों को मदद मिल सके। इन सभी मांगों पर पीएम मोदी को ध्यान देने की जरुरत है। 

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