नारी शक्ति का उत्सव मनाते हुए कंगना रनौत ने अपनाई पारंपरिक शिल्प
मुंबई, भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारत की पारंपरिक शिल्प कला और सांस्कृतिक विरासत को अपनाकर नवरात्र का जश्न मनाया।;
मुंबई, भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारत की पारंपरिक शिल्प कला और सांस्कृतिक विरासत को अपनाकर नवरात्र का जश्न मनाया।
'क्वीन' अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर फोटोशूट के 'बिहाइंड-द-सीन्स' (बीटीएस) पल साझा किए। उन्होंने पारंपरिक परिधान पहनने पर अपनी खुशी जाहिर की, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने लिखा, "हमारे अपने पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को पहनना बहुत खुशी की बात है। गरबा उत्सव के लिए छत्तीसगढ़ में होना भी बहुत अच्छा लग रहा है। यहां फोटोशूट का एक छोटा सा बीटीएस है।"
रनौत ने नवरात्र और गरबा के महत्व के बारे में एक दिल छू लेने वाला संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने इस त्योहार का स्त्री शक्ति और दिव्य नारीत्व से जुड़ाव बताया। उन्होंने कहा, "नवरात्र स्त्रीत्व का उत्सव है और गरबा जीवन का नृत्य है। इन सबके केंद्र में देवी (शक्ति) हैं। नवरात्र की शुभकामनाएं।"
कंगना ने फोटोशूट का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह अपने पारंपरिक परिधान में अलग-अलग पोज देती और नाचती हुई नजर आ रही हैं। 'तनु वेड्स मनु' की अभिनेत्री ने कई रंगों वाला, भारी कढ़ाई वाला लहंगा-चोली पहना है। इसके साथ उन्होंने काली चूड़ियां और चांदी के आभूषण पहने हैं, जो उनके फेस्टिव लुक को और भी शानदार बना रहे हैं।
कंगना ने इस वीडियो में "नगाड़ा संग ढोल" गाना भी जोड़ा है। इस गाने को संजय लीला भंसाली ने कंपोज किया है, इसे श्रेया घोषाल और उस्मान मीर ने गाया है और इसके बोल सिद्धार्थ-गरिमा ने लिखे हैं।
खास बात यह है कि फिल्म इंडस्ट्री से उनके कई दोस्तों और साथियों ने कमेंट सेक्शन में अपनी प्रतिक्रिया दी है। अनुपम खेर ने कमेंट किया, "आप सबसे बेहतरीन हैं।" वहीं, ओरी ने हार्ट वाले इमोजी पोस्ट किए।
बता दें कि 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई, जो 20 अक्टूबर को विजयादशमी (जिसे दशहरा भी कहा जाता है) के साथ संपन्न होगी।
दिलचस्प बात यह है कि कंगना रनौत को अपनी हिमाचली जड़ों पर गर्व है और वह अक्सर हिंदू त्योहारों, खासकर नवरात्र के दौरान अपनी आस्था जाहिर करती हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला की रहने वाली अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना अक्सर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए और मंदिरों में जाकर त्योहार मनाती हैं।