मुंबई। बॉलीवुड में अभिनय के दम पर अपनी अलग पहचान बना चुकी अभिनेत्री आलिया भट्ट अब सिर्फ एक स्टार एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी प्रोड्यूसर के तौर पर भी तेजी से उभर रही हैं। साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म ‘डार्लिंग्स’ के साथ आलिया ने बतौर प्रोड्यूसर अपनी पारी की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने ही प्रोडक्शन बैनर के तहत फिल्म ‘जिगरा’ भी बनाई, जिससे यह साफ हो गया कि उनका यह कदम महज प्रयोग नहीं, बल्कि एक लंबी और ठोस रणनीति का हिस्सा है। अब आलिया भट्ट ने अपने प्रोडक्शन हाउस एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस को लेकर अपनी भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की है।
एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस: तीन महिलाओं का साझा सपना
आलिया भट्ट ने बताया कि एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस की नींव उन्होंने अपनी बहन शाहीन भट्ट और बिजनेस पार्टनर कृष्णा के साथ मिलकर रखी थी। यह प्रोडक्शन हाउस सिर्फ एक कारोबारी पहल नहीं, बल्कि तीन महिलाओं का साझा रचनात्मक सपना है। आलिया कहती हैं, “यह हमारे लिए काफी बड़ा साल है। इस साल कई दिलचस्प और अहम चीजें आने वाली हैं। इसी महीने हम कुछ बड़ी घोषणाएं करने वाले हैं।” उनके मुताबिक, यह प्रोडक्शन हाउस धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से आगे बढ़ने की सोच के साथ बनाया गया है।
‘डार्लिंग्स’ से मिली पहचान, ‘जिगरा’ से बढ़ा आत्मविश्वास
‘डार्लिंग्स’ ने न सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि यह साबित किया कि आलिया कंटेंट को लेकर जोखिम लेने से नहीं डरतीं। घरेलू हिंसा जैसे गंभीर विषय को डार्क कॉमेडी के रूप में पेश करना अपने आप में साहसिक कदम था। इसके बाद ‘जिगरा’ के निर्माण के साथ आलिया ने यह संकेत दिया कि वह बतौर प्रोड्यूसर लगातार नए विषयों और अलग सोच को मंच देना चाहती हैं। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने यह साफ कर दिया कि उनका प्रोडक्शन हाउस सिर्फ स्टार पावर पर नहीं, बल्कि कहानी और भावना पर केंद्रित रहेगा।
10 साल की ठोस योजना
आलिया भट्ट ने पहली बार खुलकर अपनी दस साल की योजना के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “मेरी 10 वर्षों की योजना है कि एक पूरी तरह से फला-फूला और मजबूत प्रोडक्शन हाउस बनाया जाए।” उनका मानना है कि किसी भी क्रिएटिव प्लेटफॉर्म को सफल होने के लिए समय, धैर्य और निरंतरता की जरूरत होती है। इसलिए वह जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर अपने प्रोडक्शन हाउस को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
“हम वही कंटेंट बनाते हैं, जो खुद देखना चाहते हैं”
आलिया के मुताबिक, एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस की सबसे बड़ी ताकत उसकी कंटेंट फिलॉसफी है। कहा कि हमने जो भी बनाया है या जो बना रहे हैं, वह ऐसा कंटेंट है, जिसे हम खुद देखना चाहते हैं। उनका फोकस ऐसे विषयों पर है जो ओरिजनल हों,मनोरंजक हों, भावनात्मक रूप से दर्शकों को छू जाएं और लंबे समय तक याद रह जाएं। आलिया का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ फिल्में बनाना नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां रचना है जो दर्शकों के दिल में जगह बना लें।
कला और दर्शक: संतुलन पर जोर
आलिया भट्ट मानती हैं कि सिनेमा में कला और दर्शकों के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। कला के हमेशा अपने दर्शक होते हैं। लेकिन बतौर कलाकार आपकी कोशिश यह होनी चाहिए कि आपका काम सबसे बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचे। उनके अनुसार, अगर कहानी सच्ची और दिल से कही गई हो, तो वह अपने दर्शक खुद ढूंढ लेती है। यही सोच उनके प्रोडक्शन हाउस की बुनियाद है।
नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए मंच बनने की तैयारी
इंडस्ट्री सूत्रों की मानें तो एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस आने वाले समय में नए लेखकों, निर्देशकों और कलाकारों को भी मौका दे सकता है। आलिया खुद भी कई बार यह कह चुकी हैं कि वह नई आवाज़ों और नई कहानियों को सामने लाना चाहती हैं। उनकी यह सोच उन्हें उन कलाकारों की कतार में खड़ा करती है, जो अभिनय के साथ-साथ इंडस्ट्री के भविष्य को गढ़ने में भी योगदान दे रहे हैं।
महिला नेतृत्व वाला प्रोडक्शन हाउस
एक ऐसे उद्योग में, जहां अब भी बड़े प्रोडक्शन हाउस पुरुषों के वर्चस्व में हैं, एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस का तीन महिलाओं द्वारा संचालित होना अपने आप में खास है। यह पहल न सिर्फ रचनात्मक स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि महिला नेतृत्व की मजबूत मिसाल भी पेश करती है।
लंबी रेस की खिलाड़ी
आलिया भट्ट का प्रोड्यूसर के रूप में सफर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन उनकी सोच और योजनाएं इसे लंबी रेस का खिलाड़ी बनाती हैं। एटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस के जरिए आलिया न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के कलाकारों और दर्शकों के लिए भी एक नया और सार्थक सिनेमा गढ़ने की कोशिश कर रही हैं। अगर उनकी 10 साल की योजना साकार होती है, तो यह प्रोडक्शन हाउस हिंदी सिनेमा में एक मजबूत और भरोसेमंद नाम बन सकता है।