केबीसी 17 में भावुक हुए अमिताभ बच्चन, दोस्त धर्मेंद्र को किया याद: बताया शोले से जुड़ा किस्सा

यह विशेष एपिसोड धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस की टीम की मौजूदगी के कारण और भी खास बन गया। सेट पर जैसे ही फिल्म से जुड़े कलाकार और तकनीकी टीम पहुंची, अमिताभ बच्चन भावनाओं से भर उठे।

Update: 2026-01-02 07:32 GMT

मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार दोस्तियों में शुमार अमिताभ बच्चन और दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की यारी एक बार फिर दर्शकों की आंखें नम कर गई। फिल्म शोले के अमर गीत ‘ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे’ की गूंज के बीच महानायक अमिताभ बच्चन ने बुधवार को प्रसारित कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) 17 के विशेष एपिसोड में अपने जिगरी दोस्त धर्मेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। धर्मेंद्र का पिछले वर्ष 24 नवंबर को निधन हो गया था, लेकिन उनकी स्मृतियां आज भी बिग बी के साथ जीवंत हैं।

‘इक्कीस’ की टीम के साथ लौटीं यादें

यह विशेष एपिसोड धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस की टीम की मौजूदगी के कारण और भी खास बन गया। सेट पर जैसे ही फिल्म से जुड़े कलाकार और तकनीकी टीम पहुंची, अमिताभ बच्चन भावनाओं से भर उठे। उन्होंने कहा कि इक्कीस फिल्म जगत की उस महान विभूति की आखिरी अनमोल निशानी है, जो वे अपने करोड़ों चाहने वालों के लिए छोड़ गए।

अमिताभ का भावुक वक्तव्य

अमिताभ बच्चन ने कहा, “फिल्म ‘इक्कीस’ हमारे लिए वो आखिरी अनमोल निशानी है, जो फिल्म जगत की महान विभूति अपने करोड़ों चाहने वालों के लिए छोड़ गए। एक कलाकार अपनी सांस के अंतिम छोर तक कला की साधना करना चाहता है, और कुछ ऐसा ही किया मेरे मित्र, मेरे परिवार, मेरे आदर्श धर्मेंद्र देओल जी ने। धरम जी सिर्फ एक शख्स नहीं थे, वे एक अहसास थे। और अहसास कभी किसी को अंदर से जाने नहीं देता वे यादें बनकर, दुआएं बनकर साथ चलते रहते हैं।” उनके शब्दों में दोस्ती, सम्मान और कला के प्रति गहरी निष्ठा साफ झलक रही थी।

‘शोले’ का किस्सा: नेचुरल एक्टिंग की वजह

भावुक माहौल के बीच अमिताभ बच्चन ने शोले की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग बेंगलुरु में चल रही थी और वीरू की मौत वाले दृश्य में जो तड़प दर्शक स्क्रीन पर देखते हैं, वह पूरी तरह नेचुरल थी और इसके पीछे धर्मेंद्र की ‘शारीरिक ताकत’ थी।

बिग बी ने मुस्कराते हुए कहा, “धर्मेंद्र जी की एक खूबी थी मैं उसे फिजिकल खूबी कहूंगा। वो पहलवान थे। उस सीन में उन्होंने मुझे इतनी जोर से पकड़ा था कि मेरी तड़प बिल्कुल असली हो गई। आप जो स्क्रीन पर देखते हैं, वो उनकी वजह से है।” इस किस्से ने न सिर्फ दर्शकों को हंसाया, बल्कि दोनों कलाकारों के बीच की सहज केमिस्ट्री और भरोसे को भी रेखांकित किया।

दोस्ती जो सिनेमा से आगे बढ़ी

शोले में जय और वीरू की दोस्ती भारतीय सिनेमा की पहचान बन गई। अमिताभ और धर्मेंद्र की यह दोस्ती कैमरे के बाहर भी उतनी ही गहरी थी। केबीसी के मंच पर अमिताभ के शब्दों ने यह साबित कर दिया कि समय और मृत्यु भी सच्ची दोस्ती की स्मृतियों को फीका नहीं कर सकती। 

दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया

एपिसोड के प्रसारण के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कई लोगों ने अमिताभ के वक्तव्य को “दिल से निकला हुआ” बताया, तो कुछ ने शोले के दृश्यों और गीत ‘ये दोस्ती’ को साझा करते हुए दोनों कलाकारों को श्रद्धांजलि दी।

एक युग, एक दोस्ती

केबीसी 17 का यह विशेष एपिसोड केवल एक टीवी शो नहीं रहा, बल्कि हिंदी सिनेमा के एक युग और उसकी सबसे खूबसूरत दोस्ती को याद करने का मंच बन गया। अमिताभ बच्चन के शब्दों में धर्मेंद्र आज भी जीवित हैं यादों में, दुआओं में और उस दोस्ती में, जिसे कभी छोड़ा नहीं जाएगा।

Tags:    

Similar News