मिसाइल तकनीकी का विकास देश की आक्रामकता का प्रदर्शन नहीं : राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय मिसाइल तकनीक का विकास देश की आक्रामकता का प्रदर्शन नहीं है

Update: 2019-08-04 01:45 GMT

हैदराबाद। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय मिसाइल तकनीक का विकास देश की आक्रामकता का प्रदर्शन नहीं है।

श्री सिंह ने यहां भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के बाबर, गौरी और गजनवी जैसे मिसाइल आक्रामकता के दिखावे के लिए हैं। उन्होंने कहा,“ हमारी मिसाइलों के नाम पृथ्वी, आकाश, अग्नि, नाग और त्रिशूल है, हमारी सेना शांति एवं स्थिरता के लिए काम करती है और हमारी रक्षा संबंधी तैयारियां संतुलन, नियंत्रण और आवश्यकता पड़ने पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हैं।”

उन्होंने कहा,“ सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण हमारी प्राथमिकता है और हम ऐसा कर रहे हैं। हम स्वदेशी तकनीकी के जरिए अपनी हर जरूरतें पूरी करना चाहते हैं और बीडीएस इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”

श्री सिंह ने कहा,“आतंकवाद कभी अच्छा या बुरा नहीं होता, आतंकवाद, आतंकवाद ही होता है। हमने विश्व को दिखाया है कि हम आतंकवाद कतई सहन नहीं कर सकते। हथियारों की शक्ति का इसमें काफी बड़ा योगदान है।”

रक्षा मंत्री ने कहा, “ हमारी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए हमें और अधिक स्वदेशी उत्पादों की जरूरत है। हम चाहते हैं कि 2025 तक भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक अच्छी स्थिति में हो। इस दिशा में बीडीएल की बड़ी भूमिका है।”

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