ओवैसी के बयान पर एनडीए का पलटवार जनता का पीएम मोदी पर अटूट भरोसा
एनडीए नेताओं ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें ओवैसी ने कहा कि हिजाब पहनने वाली महिला भी एक दिन प्रधानमंत्री बन सकती है
संतोष कुमार सुमन बोले पीएम और सीएम जनता तय करती है, सपनों से नहीं
- अनिल राजभर का बयान हिजाब वाली पीएम का सपना सिर्फ सपना ही रहेगा
- अखंड भारत के लक्ष्य पर जोर एनडीए नेताओं ने मोदी नेतृत्व को बताया निर्णायक
- नितेश राणे का कड़ा विरोध ओवैसी की कथनी-करनी में बताया बड़ा अंतर
नई दिल्ली। एनडीए नेताओं ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें ओवैसी ने कहा कि हिजाब पहनने वाली महिला भी एक दिन प्रधानमंत्री बन सकती है। एनडीए नेताओं ने कहा कि सपने देखने से कुछ नहीं होता है, जनता का पीएम मोदी पर अटूट भरोसा है।
बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। देश की जनता ने पीएम मोदी को प्रधानमंत्री चुना है, और वह लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं। हम समझते हैं कि पीएम मोदी की ओर से देश में किए कार्यों की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है। पीएम मोदी वैश्विक नेता के तौर पर उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अखंड भारत का हमारा लक्ष्य है। इसे पाने के लिए हम लोग पीएम मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। किसी के कहने से कोई पीएम और सीएम नहीं बनता है। सपने में हिजाब वाली महिला पीएम बनेंगी। सपने देखने से कोई किसी को रोक नहीं सकता है, लेकिन जनता तय करती है कि कौन क्या बनेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि जो लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, वे सिर्फ सपने ही रहेंगे। अब सनातन समुदाय जाग गया है, और लोगों को बाकी सब भूल जाना चाहिए। अब से देश पर हमेशा सनातन तरीके से ही शासन होगा।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने ओवैसी के बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि ओवैसी के कहने से कुछ नहीं होता है। उनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। ओवैसी हमारे हिंदू राष्ट्र में मौजूद होकर अगर कोई हिंदुओं को धमकी देता रहेगा, इस हिंदू राष्ट्र को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की कोशिश करेगा, हमें डराने की कोशिश करेगा, तो इसका मतलब है कि हम अपने घरों में पूजा भी नहीं कर पाएंगे, 'जय श्री राम' नहीं बोल पाएंगे, या महादेव के बैनर नहीं लगा पाएंगे। जो लोग ऐसी धमकियां दे रहे हैं, हमें यह तय करना होगा कि उन्हें यहां रहने देना चाहिए या नहीं। उन्हें अब इस बारे में सोचना चाहिए।