नई दिल्ली: National Townhall: ई-20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच आम आदमी पार्टी (आप) शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20' का आयोजन करेगी। पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ई-20 ईंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आम लोगों, विशेषज्ञों और वाहन मालिकों के अनुभव सुनना तथा आगे की रणनीति तैयार करना है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा और इसमें देशभर से लोग ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भाग लेंगे।
देशभर से लोगों की भागीदारी का दावा
आम आदमी पार्टी के अनुसार, टाउनहॉल के लिए देश के विभिन्न राज्यों से हजारों लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में वाहन मालिक, विशेषज्ञ और पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अपनी राय रखेंगे। पार्टी का कहना है कि इस संवाद का उद्देश्य केवल राजनीतिक चर्चा करना नहीं, बल्कि उन लोगों की चिंताओं को सामने लाना है जो ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने लोगों से की शामिल होने की अपील
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नागरिकों से इस टाउनहॉल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ई-20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर लोगों की राय सुनना जरूरी है ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सके। केजरीवाल ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में उनके साथ एक जानी-मानी शख्सियत भी मौजूद रहेंगी, जो इस विषय पर अपने विचार साझा करेंगी। हालांकि पार्टी की ओर से उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुराने वाहनों पर असर को लेकर पार्टी के सवाल
आम आदमी पार्टी पिछले कुछ समय से ई-20 पेट्रोल के पुराने वाहनों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का मुद्दा लगातार उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से कई पुराने वाहनों के इंजन की कार्यक्षमता और माइलेज प्रभावित हो सकता है। पार्टी का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिन्हें ई-20 ईंधन को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं किया गया था। ऐसे में वाहन मालिकों के मन में इसकी उपयुक्तता और दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर कई सवाल हैं, जिनका स्पष्ट उत्तर मिलना चाहिए।
ऑटोमोबाइल कंपनियों से मांगा था स्पष्टीकरण
ई-20 विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर कई सवाल पूछे थे। उन्होंने कंपनियों से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया था कि क्या ई-20 पेट्रोल सभी पुराने वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही यह भी पूछा गया था कि यदि इस ईंधन के उपयोग से किसी वाहन के इंजन या अन्य हिस्सों को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा। पार्टी का दावा है कि इस संबंध में किसी भी कंपनी ने लिखित जवाब नहीं दिया। हालांकि कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान मौखिक रूप से अपने विचार और तकनीकी पक्ष साझा किए थे।
ई-20 पेट्रोल को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
ई-20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरणीय लाभ हासिल करना है। हालांकि इस पहल के साथ-साथ पुराने वाहनों की तकनीकी अनुकूलता को लेकर भी बहस जारी है। कई वाहन मालिकों का मानना है कि यदि किसी वाहन को ई-20 ईंधन के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है, तो उसके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। वहीं वाहन निर्माता कंपनियां और विशेषज्ञ समय-समय पर अलग-अलग तकनीकी सलाह जारी करते रहे हैं।
आगे की रणनीति पर रहेगी नजर
आम आदमी पार्टी का कहना है कि टाउनहॉल के दौरान प्राप्त सुझावों, विशेषज्ञों की राय और वाहन मालिकों के अनुभवों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। पार्टी इस मुद्दे को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाए रखने की बात कह रही है। वहीं ई-20 पेट्रोल को लेकर सरकार, वाहन निर्माता कंपनियों, विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलित संवाद की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है, ताकि पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ-साथ वाहन मालिकों की व्यावहारिक चिंताओं का भी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।