दिल्ली के पहाड़गंज में स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, आठ महिलाएं रेस्क्यू

दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के मुल्तानी ढांडा इलाके में एक स्पा से चलाए जा रहे कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करके चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस ऑपरेशन के दौरान आठ महिलाओं को बचाया गया।;

Update: 2026-09-22 17:56 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के मुल्तानी ढांडा इलाके में एक स्पा से चलाए जा रहे कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करके चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस ऑपरेशन के दौरान आठ महिलाओं को बचाया गया।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सोमवार को की गई। शाम करीब 7 बजे एक मुखबिर ने एसआई नीरज राठी से संपर्क किया और मुल्तानी ढांडा इलाके की गली नंबर 3 में प्रॉपर्टी नंबर 9139 की दूसरी और तीसरी मंजिल पर चल रहे 'लुक लाइफ स्पा' में अवैध सेक्स रैकेट के बारे में जानकारी दी।

यह जानकारी तुरंत नबी करीम पुलिस स्टेशन के एसएचओ के साथ साझा की गई, जिसके बाद जानकारी की पुष्टि करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए एक पुलिस टीम बनाई गई।

छापेमारी करने वाली टीम में एसआई राठी और अमित, महिला एसआई श्रुति, एएसआई संजीव, हेड कांस्टेबल संदीप, अमित और एमपी सिंह, कांस्टेबल अमित, संजय और धनसी और महिला हेड कांस्टेबल प्रीति तथा महिला कांस्टेबल सुप्रिया और राखी शामिल थीं।

यह टीम नबी करीम पुलिस स्टेशन के एसएचओ की देखरेख और पहाड़गंज के एसीपीकी समग्र निगरानी में काम कर रही थी।

ऑपरेशन के तहत, जानकारी की पुष्टि के लिए एसआई अमित को एक नकली ग्राहक के तौर पर भेजा गया। कथित अवैध गतिविधि की पुष्टि होने के बाद, पुलिस टीम ने परिसर में छापा मारा और चार लोगों को पकड़ा।

पकड़े गए लोगों की पहचान विवेक कुमार (27), जो मुल्तानी ढांडा का रहने वाला है और स्पा का मालिक है; दशरथ मंडल (36), जो झारखंड के महेशपुर का रहने वाला है और स्पा का मैनेजर है; अमन (20), जो बिहार के छपरा जिले के पिलखी नवादा गांव का रहने वाला है; और गुड्डू करमाकर (27), जो गाजियाबाद के लोनी में तिलामोरे पुलिस स्टेशन इलाके का रहने वाला है, के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान परिसर से आठ महिलाओं को बचाया गया। इनमें कोलकाता, नेपाल, पहाड़गंज, नोएडा, पंजाब और दिल्ली के ओखला फेज-II की महिलाएं शामिल थीं।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने स्पा परिसर से अवैध गतिविधि चलाने और उसमें मदद करने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। कथित रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े सबूत कब्जे में लिए गए। नबी करीम पुलिस स्टेशन में 'इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट' की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत 21 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई।

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