ईवीएम सुरक्षा पर बंगाल में सियासी संग्राम तेज

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। लेकिन नतीजों से पहले ही ईवीएम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है;

Update: 2026-04-30 17:11 GMT

टीएमसी का आरोप: स्ट्रॉन्ग रूम में लोकतंत्र की हत्या!

  • ममता बनर्जी ने संभाला मोर्चा, धरने पर बैठे टीएमसी नेता
  • चुनाव आयोग का पलटवार: तीन-स्तरीय सुरक्षा, कोई छेड़छाड़ नहीं
  • बीजेपी बोली- टीएमसी हार से घबराकर फैला रही अफवाहें

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। लेकिन नतीजों से पहले ही ईवीएम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया है कि स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की गई। पार्टी नेताओं का आरोप है कि "दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।" इस मुद्दे पर कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में टीएमसी नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष धरने पर बैठ गए। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जहां भवानीपुर और दक्षिण कोलकाता के बूथों की ईवीएम रखी गई हैं।

टीएमसी का कहना है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि उनकी गैर-मौजूदगी में मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। दुर्गापुर में भी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया है।

इस बीच, चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों और एजेंटों की मौजूदगी में सील किए गए थे और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। आयोग ने बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र में सात एसी स्ट्रॉन्ग रूम हैं, जिन्हें मतदान पूरा होने के बाद सुबह 5:15 बजे तक विधिवत बंद कर दिया गया था।

भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को "अफवाह" करार दिया है। भाजपा नेता तापस रॉय ने कहा, "हमने स्ट्रॉन्ग रूम की देखरेख के लिए दो लोगों को तैनात किया है। टीएमसी अपनी संभावित हार को देखते हुए झूठे आरोप लगा रही है। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है।"

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