मोदी सरकार मध्य पूर्व में युद्ध से पैदा संकट को संभालने में रही विफल, भुगत रही जनता- केजरीवाल
सरकार की नाकामी से शेयर बाजार धड़ाम, एलपीजी की कमी से कारोबार ठप, लंबी कतारें, रोजगार संकट और रुपया सबसे नीचले स्तर पर है- केजरीवाल
पूरी दुनिया जानती थी कि युद्ध किसी भी समय छिड़ सकता है, फिर मोदी सरकार बिना किसी तैयारी के क्यों बैठी थी?- केजरीवाल
- मोदी सरकार ने समय रहते पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए और पहले से ही वैकल्पिक आपूर्ति सुरक्षित क्यों नहीं की गई?- केजरीवाल
- हर संकट का बोझ जनता पर क्यों डाल दिया जाता है, मोदी सरकार की नाकामी की सजा आम आदमी क्यों भुगते?- अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध से भारत में पैदा हुए संकट से निपटने के केंद्र सरकार के कदमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की तैयारियों की कमी ने देश को आर्थिक संकट में धकेल दिया है और इसका खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। अरविंद केजरीवाल ने गिरते शेयर बाजार और एलपीजी की कमी को लेकर कहा कि एलपीजी की कमी से कारोबार बंद हो रहे हैं। सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हैं। प्रवासी मजदूरों के सामने रोजगार संकट खड़ा हो गया है। रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। ये सभी व्यवस्था की विफलता के संकेत हैं।
सोमवार को एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार मध्य पूर्व चल रहे युद्ध से पैदा हुए संकट को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है। देश में शेयर बाजार लगातार गिर रहा है। एलपीजी की कमी के कारण कई व्यवसाय बंद हो गए हैं। लोग भीषण गर्मी में गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइनों में लगे हैं। प्रवासी मजदूरों की बेरोजगार हो गए हैं। रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया जानती थी कि किसी भी समय युद्ध छिड़ सकता है। फिर मोदी सरकार बिना किसी तैयारी के क्यों बैठी रही? सरकार ने समय रहते पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए? पहले से ही वैकल्पिक आपूर्ति सुरक्षित क्यों नहीं की गई? हर संकट का बोझ जनता पर क्यों डाल दिया जाता है? मोदी सरकार की विफलताओं की सजा आम आदमी क्यों भुगते?