मध्य-पूर्व संकट के बीच बढ़ीं ईंधन की कीमतें, विपक्ष ने केंद्र सरकार का किया घेराव

मध्य-पूर्व में जारी संकट चलते लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। इस स्थिति को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है;

Update: 2026-05-27 00:27 GMT

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी संकट चलते लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। इस स्थिति को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। उनका कहना है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में तो भाजपा ने जमकर रैलियां की, लेकिन नतीजे आते ही अंतरराष्ट्रीय संकट का हवाला देते हुए पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ाने लगीं।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जब हाल ही में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तब सरकार ने किसी तरह की बड़ी आर्थिक परेशानी या महंगाई पर खुलकर चर्चा नहीं की थी। उनके मुताबिक, चुनाव खत्म होते ही सरकार ने धीरे-धीरे ईंधन की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार कभी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं जैसे खाड़ी क्षेत्र, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का हवाला देती है और कभी किसी और वजह का, लेकिन आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

पायलट ने कहा कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने से सिर्फ गाड़ी चलाना ही नहीं, बल्कि हर चीज महंगी हो जाती है क्योंकि ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और सरकार के पास इसे काबू करने के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।

इसको लेकर आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से हर पांच-छह दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों पर बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी पहले से ही यह कहती आ रही थी कि सरकार चुनावों के समय कीमतें नियंत्रित रखती है और जैसे ही चुनाव खत्म होते हैं, कीमतें बढ़ने लगती हैं।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें जिस तरह से लगातार बढ़ रही हैं, वह बेहद गंभीर स्थिति है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उनके अनुसार पिछले कुछ दिनों में कई चरणों में कीमतें बढ़ी हैं, कभी पेट्रोल महंगा हुआ, कभी एलपीजी और कभी कमर्शियल गैस। उन्होंने कहा कि इसका असर पूरे बाजार पर पड़ रहा है क्योंकि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से हर चीज की कीमत बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी इस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है ताकि सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर जाए।

समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार बिजली कटौती हो रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और आम लोगों के लिए जीवन मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई सरकारी दफ्तरों जैसे थाने, अस्पताल और तहसील में भ्रष्टाचार और शोषण बढ़ गया है। उनके मुताबिक लोगों में असंतोष है और इसी कारण विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

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