डीयू की महिला प्रोफेसर की बेरहमी से हत्या, 2 संदिग्ध कैब से अपार्टमेंट पहुंचे, 30 मिनट बाद वापस निकले

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फ्लैट के दरवाजे पर जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले हैं। इससे यह संभावना और मजबूत हो गई है कि आरोपी किसी परिचित के माध्यम से अंदर पहुंचे होंगे या पीड़िता उन्हें जानती थीं।;

Update: 2026-06-05 09:46 GMT

नई दिल्ली: DU Female Professor Murdered: वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पाल की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। उनका शव उनके ही फ्लैट के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा यह भी आशंका जताई जा रही है कि किसी धारदार हथियार से उनके हाथ की नस काटी गई थी। घटनास्थल से लैपटॉप और नकदी सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला लूटपाट से जुड़ा नहीं लगता।

जबरन घुसपैठ के संकेत नहीं, परिचित पर शक

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फ्लैट के दरवाजे पर जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले हैं। इससे यह संभावना और मजबूत हो गई है कि आरोपी किसी परिचित के माध्यम से अंदर पहुंचे होंगे या पीड़िता उन्हें जानती थीं। अधिकारियों के अनुसार, शव की स्थिति से अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या मंगलवार या बुधवार की सुबह के बीच की गई होगी। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच कर रही है।

कैब से पहुंचे थे संदिग्ध, 30 मिनट तक फ्लैट में रहे

जांच में एक अहम सुराग तब मिला जब पुलिस को एक कैब की गतिविधि संदिग्ध लगी। जानकारी के अनुसार, एक कैब अपार्टमेंट परिसर में दाखिल हुई, जिसमें से दो संदिग्ध व्यक्ति उतरे। दोनों ने मास्क पहने हुए थे और बैग भी साथ था। दोनों संदिग्ध लिफ्ट का इस्तेमाल करने के बजाय सीढ़ियों से अपार्टमेंट की ओर गए। इस दौरान कैब चालक वाहन में ही इंतजार करता रहा। लगभग 30 मिनट बाद दोनों व्यक्ति वापस लौटे और उसी कैब में बैठकर वहां से चले गए। पुलिस ने कैब ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि उसकी जानकारी इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

शिवाजी कॉलेज में थीं प्रोफेसर

मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली देबोस्मिता पाल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग में सहायक प्रोफेसर थीं। वह अपनी बड़ी बहन के फ्लैट में रह रही थीं। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो वर्ष 2017 में उनकी शादी हुई थी, लेकिन पति के साथ घरेलू विवाद के कारण संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। वर्ष 2022 से दोनों अलग रह रहे थे और तलाक का मामला अदालत में विचाराधीन था। उनका पति बेंगलुरु में रहता है। पुलिस अब उनके व्यक्तिगत जीवन और पारिवारिक विवाद के पहलू को भी जांच के दायरे में लेकर चल रही है, ताकि किसी संभावित एंगल को नजरअंदाज न किया जाए।

दो दिन बाद सामने आया मामला

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे उनकी बड़ी बहन न्यू अशोक नगर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि देबोस्मिता पिछले दो दिनों से फोन नहीं उठा रही थीं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद सोसायटी के निवासियों की मदद से फ्लैट का दरवाजा खोला गया, जहां वह सोफे के पास फर्श पर मृत पाई गईं। यह दृश्य देखकर परिजन और पड़ोसी स्तब्ध रह गए।

घरेलू सहायिका और ड्राइवर से पूछताछ जारी

पुलिस के अनुसार, घरेलू सहायिका ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब सात बजे फ्लैट पर पहुंची थी, लेकिन दरवाजा बंद था और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने इसे सामान्य मानकर छोड़ दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि सहायक प्रोफेसर के पास एक निजी कार चालक था, जिससे भी पूछताछ की जा रही है। घरेलू सहायिका और ड्राइवर दोनों के बयान इस केस की जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

तीन संदिग्धों की पहचान, जांच में नए सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की है, जिनमें एक पुरुष, एक महिला और कैब चालक शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह सभी ओला कैब से अपार्टमेंट पहुंचे थे। पुलिस ने कैब चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावर योजनाबद्ध तरीके से फ्लैट में पहुंचे थे और पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल गए।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के एक विधायक ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

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