कोरोना: देश भर में पूर्णबंदी की अवधि 31 मई तक बढायी गयी

कोरोना महामारी से निपटने के लिए चलाये जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में लागू पूर्णबंदी की अवधि आगामी 31 मई तक बढा दी गयी है।

Update: 2020-05-17 19:13 GMT

नयी दिल्ली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए चलाये जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में लागू पूर्णबंदी की अवधि आगामी 31 मई तक बढा दी गयी है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने केन्द्रीय गृह सचिव को आज पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए की गयी पूर्णबंदी के उपायों को आगे बढाये जाने की जरूरत है। प्राधिकरण ने देश

भर में पूर्णबंदी की अवधि 31 मई तक बढाने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि देश भर में गत 25 मार्च से लागू पूर्णबंदी के तीसरे चरण का आज अंतिम दिन है और चौथा चरण सोमवार से शुरू होगा। इससे संबंधित दिशा निर्देशों की गृह मंत्रालय द्वारा जल्द ही घोषणा की जायेगी।
 
प्राधिकरण ने केन्द्रीय गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को पूर्णबंदी के उपायों को 31 मई तक जारी रखने का निर्देश दिया जाता है।

प्राधिकरण ने कहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) को भी पूर्णबंदी के अगले चरण में जरूरी आर्थिक गतिविधियों को खोले जाने के मद्देनजर पहले से लागू दिशा निर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया जा रहा है।

प्राधिकरण ने इससे पहले भी अधिनियम की धारा 6(2) (1) के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सबसे पहले 24 मार्च , फिर 14 अप्रैल और बाद में 1 मई को भी सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूर्णबंदी जैसे उपाय करने का निर्देश दिया था। इसके आधार पर ही 25 मार्च से 14 अप्रैल , 15 अप्रैल से 3 मई और 4 मई से 17 मई तक के पूर्णबंदी के तीन चरणों को लागू किया गया था।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 12 मार्च को राष्ट्र के नाम संबोधन में पूर्णबंदी के चौथे चरण का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था कि चौथा चरण एकदम नये रूप रंग में सामने आयेगा और इसमें अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जरूरी अधिकाधिक आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा था कि पूर्णबंदी को

चौथे चरण में ले जाने का निर्णय राज्यों के सुझावों के आधार पर लिया गया है और इससे संबंधित दिशा निर्देश भी सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर ही तैयार किये जायेंगे। इससे एक दिन पहले श्री मोदी ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये बैठक की थी।
 

Full View

Tags:    

Similar News