राम मंदिर विवाद से जुड़े पक्षकार निर्मोही अखाड़े में सरपंच को लेकर विवाद

विवादित श्रीराम जन्मभूमि के एक प्रमुख पक्षकार निर्मोही अखाड़े में सरपंच को लेकर विवाद पैदा होता नजर आ रहा है।

Update: 2017-10-11 12:16 GMT

अयोध्या। विवादित श्रीराम जन्मभूमि के एक प्रमुख पक्षकार निर्मोही अखाड़े में सरपंच को लेकर विवाद पैदा होता नजर आ रहा है। अखाड़े के सरपंच रहे भाष्कर दास की हाल ही में मृत्यु हो गयी थी।

अखाड़े के सरपंच के नाते श्रीराम जन्मभूमि विवाद में वही पक्षकार थे। उनकी मृत्यु के बाद नया सरपंच पक्षकार होगा। अखाड़े की कल हुई बैठक में महंत राजाराम चन्द्राचार्य को सरपंच चुन लिया गया, जबकि चित्रकूट के महंत नरसिंह दास को उपसरपंच चुना गया। राजाराम चन्द्राचार्य गुजरात के रहने वाले हैं।

दिवंगत भाष्कर दास फैजाबाद के नाका स्थित हनुमानगढ़ी के महंत थे। उनके रहते हुए ही रामदास को महंत बना दिया गया था। भाष्कर दास अस्वस्थ्य रहते थे, इसलिए उन्होंने ही यह जिम्मेदारी रामदास को सौंप दी थी। निर्माेही अखाड़े के सरपंच पद पर रामदास मजबूत उम्मीदवार थे, लेकिन अखाड़े के साधुओं ने राजाराम चन्द्राचार्य को सरपंच बना दिया।

महंत रामदास इसे साजिश बताते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अब अदालत में ले जायेंगे। उनका दावा है कि भाष्कर दास ने उनके नाम वसीयत की थी, उसका पालन किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ विशेष पूर्ण पीठ ने 30 सितम्बर 2010 को अपने फैसले में विवादित रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद की जमीन को तीन हिस्सों में बांटा था। उसमें एक हिस्सा निर्मोही अखाड़े को दिये जाने का आदेश दिया था। यह मामला अब उच्चतम न्यायालय में है। 
 

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