विधानसभा चुनाव से उत्साहित कांग्रेस को मध्यप्रदेश में बड़ा झटका
मध्यप्रदेश में महज छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों से उत्साह से भरी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में देश भर में फैली 'मोदी लहर' के चलते प्रदेश में बड़ा झटका लगा है
भोपाल। मध्यप्रदेश में महज छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों से उत्साह से भरी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में देश भर में फैली 'मोदी लहर' के चलते प्रदेश में बड़ा झटका लगा है।
कुल 29 सीटों में से तीन पर घोषित परिणामों में से दो पर भाजपा को और एक पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई है, वहीं 25 सीटों पर निर्णायक बढ़त के चलते भाजपा प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है।
राज्य की कुल 29 लोकसभा सीटों में से भाजपा को शाम छह बजे तक दो सीटों पर जीत हासिल हो चुकी है। वहीं 25 सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी निर्णायक बढ़त बना चुके हैं, जहां उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है।
एकमात्र छिंदवाड़ा संसदीय सीट कांग्रेस के खाते में आई है, जहां से मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ अपने नजदीकी भाजपा प्रत्याशी नथन शाह को हराने में सफल हो पाए हैं।
हालांकि उनकी जीत का अंतर भी मात्र 37 हजार मतों का रहा है, जबकि इसी सीट से पिछले लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं करीब एक लाख 15 हजार से भी ज्यादा मतों से जीते थे।
प्रदेश की राजगढ़ संसदीय सीट से भाजपा के रोडमल नागर लगातार दूसरी बार चुने गए हैं। उन्होंने कांग्रेस की मोना सुस्तानी को करीब चार लाख से अधिक मतों से हराया है। विदिशा सीट से भाजपा के रमाकांत भार्गव ने कांग्रेस के शैलेंद्र पटेल को करीब चार लाख 99 हजार मतों से हरा कर इस सीट को भाजपा की झोली में बनाए रखा है।
भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की प्रज्ञा सिंह ठाकुर कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के मुकाबले सुबह से अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। सुश्री ठाकुर शाम छह बजे तक करीब तीन लाख 12 हजार मतों से आगे चल रही हैं। कांग्रेस के एक और दिग्गज नेेता और पार्टी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने करीबी भाजपा प्रत्याशी के पी यादव से करीब सवा लाख मतों से पिछड़ गए हैं।
इंदौर और होशंगाबाद सीटों पर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशियों के अपने निकटतम कांग्रेस प्रत्याशियों से शाम छह बजे तक करीब साढ़े पांच लाख मतों से आगे रहने के साथ ही राज्य की 26 सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों की निर्णायक बढ़त बनी हुई है।
इंदौर से भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी कांग्रेस के पंकज संघवी से करीब पांच लाख 46 हजार मतों से आगे हैं। वहीं होशंगाबाद प्रत्याशी उदय प्रताप सिंह की बढ़त भी करीब पांच लाख 52 हजार मतों की हो गई है।
टीकमगढ़ से वीरेंद्र कुमार कांग्रेस की किरन अहिरवार से करीब तीन लाख 46 हजार मतों से आगे हैं। खजुराहो प्रत्याशी वी डी शर्मा कांग्रेस की कविता सिंह से चार लाख 91 हजार मतों से, विदिशा से रमाकांत भार्गव कांगेस के शैलेंद्र पटेल से करीब पांच लाख मतों से और शहडोल से हिमाद्री सिंह कांग्रेस की प्रमिला सिंह से करीब चार लाख मतों से निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं।
जबलपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह कांग्रेस के विवेक तन्खा से चार लाख 54 हजार मतों से आगे चल रहे हैं। रतलाम, रीवा, सतना, सागर, सीधी, उज्जैन, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बालाघाट, बैतूल, दमोह, देवास और धार में भी भाजपा प्रत्याशियों की निर्णायक बढ़त बनी हुई है।