भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 2,496 अंक टूटा, निवेशकों के 12 लाख करोड़ हुए स्वाहा
Stock Market Crash Today: बाजार में इस हाहाकार के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी जंग है। अब यह युद्ध थमने के बजाय और भड़क गया है।
नई दिल्ली। Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बहुत ही खराब रहा। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और बड़ी बिकवाली के चलते बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पिछले तीन सेशन से जारी रिकवरी आज पूरी तरह धुल गई। सेंसेक्स करीब 2,496 अंक या 3.26%% टूटकर 74,207.24 के निचले स्तर तक चला गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 775.65 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की और 23,002.15 के लेवल पर बंद हुआ। आज के कारोबारी सेशन में निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
बाजार में गिरावट की वजह?
HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर ने बैंकिंग सेक्टर में डर का माहौल बना दिया। आखिरी सेशन तक बैंक के शेयर करीब 3.39% तक टूटकर 53,451.00 लो लेवल पर आ गए। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और महंगाई को लेकर चिंता जताई, जिससे वैश्विक निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से पैसा निकालना शुरू कर दिया। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतों ने भारतीय इकोनॉमी और मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाला।
टॉप लूजर्स
एचडीएफसी बैंक (-5.11%)
बजाज फाइनेंस (-4.93%)
महिंद्रा एंड महिंद्रा (-4.82%)
एल एंड टी (-4.54%)
कैसी रही सुबह की चाल?
आज, 19 मार्च की सुबह जैसे ही बाजार खुला, मानों बिकवाली का सैलाब आ गया। सुबह 9:16 बजे के करीब सेंसेक्स 1,584.43 अंक (2.07%) टूटकर 75,119.70 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 500.45 अंक (2.10%) गिरकर 23,277.35 पर पहुंचा। प्री-ओपनिंग सेशन में तो हालात और भी खराब थे, जहां सेंसेक्स 2,200 अंक और निफ्टी 580 अंक तक नीचे चले गए थे।
आज बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई. रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल के साथ सभी सेक्टोरल इंडेकस लाल निशान में थे. लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट रही.
बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में थे। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट,बजाज फिनसर्व और इंडिगो लूजर्स थे। केवल एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही हरे निशान में थे। बाजार की इस गिरावट में बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने सबसे ज्यादा गोता लगाया है।
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध का असर
बाजार में इस हाहाकार के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी जंग है। अब यह युद्ध थमने के बजाय और भड़क गया है। मिडिल ईस्ट में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की खबरों से पूरी दुनिया के बाजारों में डर बैठ गया है। मिडिल ईस्ट में हालात अब बेकाबू होते दिख रहे हैं। ईरान ने कतर के 'रास लफान' गैस फैसिलिटी जो दुनिया के सबसे बड़े LNG हब में से एक है, पर मिसाइल हमला किया है। जवाब में अमेरिका और इजरायल ने भी ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और तेल ठिकानों को निशाना बनाया है। इस युद्ध ने पूरी दुनिया के सप्लाई चेन और एनर्जी मार्केट को डरा दिया है। इसके साथ ही फेड चेयरमैन ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगाई और बढ़ सकती है।
कच्चे तेल ने लगाई 'आग', $113 के करीब पहुंचा भाव
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को हिला कर रख दिया है। गुरुवार की सुबह कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो गुरुवार सुबह 3% से ज्यादा उछल गई हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) में $3.69 या 3.44% की तेजी आई और यह $111.07 प्रति बैरल पर पहुंच गया। WTI क्रूड भी $2.29 या 2.38% बढ़कर $98.61 पर ट्रेड कर रहा है।
युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ने का डर है। जानकारों का मानना है कि जब तक युद्ध थमता नहीं, तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहेंगी।
एशियाई बाजारों में गिरावट
इसी का असर है कि आज एशियाई बाजारों की शुरुआत बहुत खराब रही। आज सुबह से ही पूरे एशिया के बाजारों में भगदड़ मची है। जापान का निक्केई (Nikkei), हांगकांग का हेंग सेंग (Hang Seng) और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) भी 3% तक टूट चुके हैं। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 550 पॉइंट नीचे ट्रेड कर रहा था, जिसने पहले ही संकेत दे दिया था कि आज भारतीय बाजार के लिए सुबह बहुत भारी होने वाली है।