भोजन की व्यवस्था न होने पर का मुख्यमंत्री का उपवास
मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने आई जनता के खाने की व्यवस्था के बारे में पूछा, जब इसका उत्तर नहीं के रूप में मिला तो उन्हें भोजन करने से मना कर दिया
अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने ढलाई जिले के अम्बस्सा मुख्यालय में जनता दरबार के दौरान बुधवार को पूरे दिन के लिए उपवास किया क्योंकि अधिकारियों ने दोपहर के भोजन की व्यवस्था सिर्फ उन्हीं के लिए की थी और आम लोगों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
मुख्यमंत्री सरकार बनने के बाद से ही जनता दरबार लगा रहे हैं।
इसी क्रम में बुधवार को भी उन्होंने अम्बस्सा में चंद्राइपाड़ा एचएस स्कूल में जनता दरबार का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने अपने सहयोगियों के साथ सुबह से लेकर रात तक 205 लोगों की शिकायतें सुनी।
उन्होंने लोगों को मदद करने का आश्वासन दिया और व्हीलचेयर बांटी।
जिलाधिकारी ने जब उन्हें और उनके सहयोगी सदस्यों को दोपहर के भोजन के लिए बुलाया तो मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने आई जनता के खाने की व्यवस्था के बारे में पूछा, जब इसका उत्तर नहीं के रूप में मिला तो उन्हें भोजन करने से मना कर दिया।
देव ने कहा,“मैंने जनता दरबार की योजना के दौरान ही मैंने स्पष्ट कर दिया था कि सबके लिए एक समान मेन्यु की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन आप चूक गए। खैर, मेरे साथ आए जो लोग भोजन करना चाहते हैं बिना किसी हिचक के कर सकते हैं लेकिन मैं भोजन नहीं करुंगा।”
देव ने बताया,“ पिछले कई वर्षों से समस्याओं का सामना कर रहे 200 से अधिक लोग दूर-दराज के गांव से यहां आए थे और उनमें से अधिकतर लोग बिना कुछ खाए सुबह से निकले हुए थे।
मैं नाश्ता करने के बाद आराम से यहां आया और मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि मेरा एक भी सहयोगी उनकी तरह खाली पेट नही आया होगा। अगर मैंने इन भूखे लोगो को प्रतीक्षा कराकर दोपहर का भोजन किया तो यह बहुत ही अमानवीय होगा और प्रशासन को इसका एहसास होना चाहिए।
सब कुछ क्रम से नहीं लिखा होता है लेकिन इतनी थोड़ी समझ तो हर व्यक्ति के लिए होनी चाहिए।”