चौरी चौरा की घटना ने अंग्रेजों को बड़ा संदेश दिया था: पीएम मोदी
स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान करने वाले चौरी चौरा कांड के शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के लिये जीने का संकल्प लेकर ही रणबांकुरों के बलिदान को न
गोरखपुर। स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान करने वाले चौरी चौरा कांड के शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के लिये जीने का संकल्प लेकर ही रणबांकुरों के बलिदान को नमन किया जा सकता है।
PM Shri @narendramodi inaugurates 'Chauri Chaura' centenary celebrations in Gorakhpur, Uttar Pradesh. https://t.co/W8LsiFbofo
100 वर्ष पहले चौरी चौरा में जो हुआ वो सिर्फ एक आगजनी की घटना, एक थाने में आग लगा देने की घटना नहीं थी, चौरी चौरा का संदेश बहुत बड़ा था, बहुत व्यापक था।
- पीएम @narendramodi pic.twitter.com/YMtNdJL64l
पीएम मोदी ने गुरूवार को चौरी चौरा कांड के शताब्दी वर्ष समारोह का वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये शुभारंभ करते हुये कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान ऐसी बहुत कम घटनाये होंगी जब एक साथ 19 लोगों को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी हो। इन शहीदों को इतिहास के पन्नो में उचित स्थान नहीं दिया गया लेकिन इन वीर रणबांकुरों ने आजादी लड़ाई को नई दिशा प्रदान कर दी थी।
चौरी चौरा की पवित्र भूमि पर देश के लिए बलिदान होने वाले, देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा देने वाले वीर शहीदों के चरणों में मैं प्रणाम करता हूं, आदरपूर्वक श्रद्धाजंलि देता हूं।
- पीएम @narendramodi
प्रधानमंत्री ने चौरी चौरा महोत्सव के अवसर पर पांच रूपये के एक डाक टिकट को भी जारी किया। इस अवसर पर चौरा चौरा चौरीचौरा थीम सांग की प्रस्तुति की गई जबकि सूचना विभाग ने चौरीचौरा कांड पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
महामना मदन मोहन मालवीय और बाबा राघवदास को याद करते हुये पीएम मोदी ने कहा कि चौरी चौरा की घटना से बौखलायी गोरी हुकूमत ने हालांकि 172 लोगों को फांसी देने की योजना बनायी थी लेकिन महामना और बाबा राघव दास के प्रयास से करीब 150 लोगों की फांसी की सजा टाल दी गयी। चौरीचौरा की पवित्र भूमि पर वीर शहीदों को याद करने के लिये शताब्दी वर्ष महोत्सव का यह आयोजन और महत्वपूर्ण बन गया है जब देश आजादी के 77वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत में बनी वैक्सीन की दुनिया के कई देशों में मांग है। दुनिया के दिग्गज देशों के मुकाबले भारत ने टीकाकरण की रफ्तार कहीं ज्यादा है। कोरोना काल में भारत ने 150 से अधिक देशों के नागरिकों को दवाई भेजी। विदेशी नागरिकों को सुरक्षित उनके वतन पहुंचाने में मदद की। दुनिया में भारत को इस भूमिका में देख स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा को गर्व महसूस हो रहा होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में संसद में पेश बजट के बारे में अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि कोरोना काल की कठिन चुनौती से निपटने के लिये सरकार कर का बोझ आम नागरिकों पर डालेगी मगर देश वासियों पर कोई बोझ नहीं डाला गया बल्कि चुनौतियों के समाधान के लिये यह बजट तेजी प्रदान करेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की व्यवस्था बजट में की गयी है। निर्माण क्षेत्र की मजबूती,रोजगार के साधन और किसानो को समृद्ध बनाने में बजट महती भूमिका निभायेगा।
उन्होने कहा कि दशकों से बजट का मतलब सिर्फ घोषणा रह गया था जिसे पूरा नहीं किया जाता था। बजट को हिसाब किताब का बही खाता बना दिया गया था लेकिन अब सोच और अप्रोच बदल दिया गया है। विश्वास की जो यात्रा हमने ने शुरू की है वह नए भारत के निर्माण के साथ पूरी करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यह शताब्दी महोत्सव आयोजित करने का निर्णय उनकी सरकार ने लिया। चौरा चौरा की घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। चार फरवरी 1922 को स्वाधीनता संघर्ष में यहां पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष में पुलिस की गोली से तीन सेनानी शहीद हुए थे। उसके बाद 228 पर ब्रिटिश हुकुमत ने मुकदमा चलाया था जिनमें 225 को सजा दी गई थी।
उन्होने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई से स्वतंत्रता प्राप्ति तक एवं उसके बाद देश की रक्षा में शहीद हुये वीर शहीदों सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। हर स्मारक पर पुलिस बैंड, दीपोत्सव व राष्ट्रभक्ति गीतों के गायन का आयोजन होगा। विद्यालयों में तरह तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इससे पहले सीएम योगी ने शहीद स्मारक स्थल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।