छत्तीसगढ़ में बर्बर वारदात, भाजपा के पूर्व पंचायत अध्‍यक्ष समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाया

घटनास्थल से बचकर निकले लोगों ने दावा किया है कि जलती कार से बाहर निकलने वाले लोगों पर आरोपियों ने कुदाल और सब्बल जैसे औजारों से हमला किया। मामले की जांच के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर जुटी हुई है।;

Update: 2026-06-18 05:51 GMT

बैकुंठपुर : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में क्षेत्रीय वर्चस्व और रेत के अवैध खनन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद मंगलवार रात भयावह हिंसा में बदल गया। आरोपियों ने रात 11 बजे फार्च्यूनर कार पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया। इस हमले में भाजपा नेता व सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भरत लाल सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कार में ही जलकर मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे उनके रिश्तेदार नागेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। नागेंद्र 80 प्रतिशत जल चुके थे। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

फॉर्च्यूनर कार को निशाना बनाकर किया गया हमला

पुलिस के अनुसार, मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत आरोपित पक्ष ने सोनहत थाने में भी की थी। देर रात भरत लाल सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां पहले से ही हमले की तैयारी की जा चुकी थी। आरोप है कि 20 से अधिक लोगों ने भरत सिंह की फॉर्च्यूनर कार को एक टिपर वाहन से कई बार टक्कर मारी। लगातार टक्कर लगने से कार के दरवाजे जाम हो गए और उसमें सवार पांच लोग अंदर ही फंस गए। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इस दौरान साथ चल रहे अन्य दो वाहन किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।

तीन लोगों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

आग लगने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई। कार का दरवाजा खोलने पर भरत लाल सिंह का शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में मिला। गंभीर रूप से झुलसे उनके रिश्तेदार नागेंद्र सिंह को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। 

घटना में घायल विरेन्द्र सिंह को अंबिकापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान बुधवार को उनकी भी मौत हो गई। वहीं, मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। मयंक के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि योगेंद्र का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें भी लगी हैं। दोनों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप

घटनास्थल से बचकर निकले लोगों ने दावा किया है कि जलती कार से बाहर निकलने वाले लोगों पर आरोपियों ने कुदाल और सब्बल जैसे औजारों से हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर जुटी हुई है।

चार मुख्य आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब तक अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, तीन अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से जानकारी जुटा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और कहा कि कानून के अनुसार सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

रेत घाट के विवाद से जुड़ा है मामला

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। इसी क्षेत्र में अवैध खनन और वर्चस्व को लेकर नागेंद्र सिंह और मुख्य आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी तनाव ने मंगलवार रात हिंसक रूप ले लिया।

इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। आईजी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। बुधवार को अंबिकापुर में भरत लाल सिंह और विरेन्द्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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