आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने 'अनुभव' फीडबैक की जिलावार समीक्षा की
छत्तीसगढ़ में आईजीपी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने कल रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक लेकर ''अनुभव'' पोर्टल के तहत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में आईजीपी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने कल रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक लेकर ''अनुभव'' पोर्टल के तहत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की।
यह जानकारी आज यहां दी गयी । बैठक में पिछले एक माह के दौरान थानों और पुलिस कार्यालयों के संबंध में आम नागरिकों से मिले सुझावों और शिकायतों पर चर्चा की गई।
बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, जांजगीर के पुलिस अधीक्षक विजय पांडे, जीपीएम के पुलिस अधीक्षक मनोज खिलाड़ी और सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर शामिल हुए।
आईजीपी ने रेंज कार्यालय से प्रतिदिन प्राप्त होने वाले अनुभव फीडबैक के आधार पर जिलों की समीक्षा की और पुलिस अधीक्षकों से आवश्यक जानकारी ली।
फरवरी 2026 के दौरान बिलासपुर जिले में कुल 201 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक सरकंडा थाना से 64 और सिविल लाइन थाना से 20 फीडबैक दर्ज किए गए। वहीं सिटी कोतवाली, बिल्हा, अजाक, यातायात थाना, रेंज साइबर थाना, एसीसीयू, पुलिस सहायता केंद्र सिम्स और मोपका से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ।
रायगढ़ जिले में कुल 331 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें जूटमिल और कोतरारोड थाना से सर्वाधिक 44-44 फीडबैक मिले, जबकि अजाक और महिला थाना से कोई फीडबैक दर्ज नहीं हुआ। कोरबा जिले में कुल 55 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें उरगा थाना से 12 फीडबैक मिले। वहीं कोतवाली, साइबर थाना, दर्री, कुसमुंडा, पाली, पसान और लेमरू थाना से कोई फीडबैक नहीं मिला।
जांजगीर-चांपा जिले में कुल 100 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सारागांव थाना से 20 और जांजगीर थाना से 11 फीडबैक मिले, जबकि पुलिस सहायता केंद्र कोटमिसोनर और रहौद से कोई फीडबैक दर्ज नहीं हुआ।
मुंगेली जिले में कुल 230 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पथरिया थाना से 46, लोरमी से 24, सिटी कोतवाली से 33 और साइबर सेल से 21 फीडबैक मिले। वहीं चौकी डिंडोरी से कोई फीडबैक नहीं मिला।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल 51 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें डोंगरीपाली थाना से 11 फीडबैक मिले, जबकि बिलाईगढ़ थाना से कोई फीडबैक नहीं मिला। सक्ती जिले में कुल 127 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें मालखरौदा थाना से 38, जैजैपुर से 20 और डभरा से 19 फीडबैक मिले।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कुल 39 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पेंड्रा थाना से 22 फीडबैक मिले, जबकि खोडरी चौकी से कोई फीडबैक नहीं मिला।
समीक्षा के दौरान अधिकांश थानों की रेटिंग पांच में से औसतन 3.5 पाई गई, जिस पर आईजीपी ने संतोष जताया। जिन थानों की रेटिंग इससे कम है, उनमें सुधार के लिए पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए।
अनुभव पहल के तहत थानों और पुलिस कार्यालयों में लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर आम नागरिक अपने सुझाव और फीडबैक दर्ज कर सकते हैं। इन फीडबैक में कहीं पेयजल और बैठने की व्यवस्था की कमी, कहीं पुलिसकर्मियों के व्यवहार से जुड़ी शिकायतें तो कई जगह पुलिस के कार्यों की सराहना भी सामने आई है।
आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि अनुभव के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक फीडबैक की गंभीरता से समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं। जिन थानों के कार्यों की लगातार सराहना मिल रही है, उन्हें पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन थानों से बिल्कुल भी फीडबैक प्राप्त नहीं हो रहे हैं, उनके कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अनुभव से प्राप्त फीडबैक को रेंज स्तर से जिलों में भेजा जाता है, जहां पुलिस अधीक्षक उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं। आईजीपी ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अनुभव प्लेटफॉर्म के माध्यम से पुलिस कार्यों के संबंध में अपने सुझाव और फीडबैक अवश्य दें, ताकि प्राप्त सुझावों के आधार पर पुलिस व्यवस्था में और सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की समीक्षा बैठक हर माह आयोजित की जाएगी।