छत्तीसगढ़ को 9,580 करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत हैदराबाद में शुक्रवार को निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश का बढ़ता प्रवाह इस बात का संकेत है कि प्रदेश विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।;
हैदराबाद। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत हैदराबाद में शुक्रवार को निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश का बढ़ता प्रवाह इस बात का संकेत है कि प्रदेश विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।
सीएम साय ने कहा कि हमारे अधिकारियों ने यहां छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि छत्तीसगढ़ देश के बीचों-बीच स्थित है और यहां खनिजों का भंडार है। हम आपको हमारी नई औद्योगिक नीति को समझने और छत्तीसगढ़ में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने आए हैं। यह बहुत गर्व की बात है कि आज लगभग 9,580 करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया गया है, जिससे करीब 7,800 लोगों को रोजगार मिलेगा।
यह छत्तीसगढ़ की बढ़ती औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल वातावरण और सुशासन सरकार की दूरदर्शी नीतियों पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि ये निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति देंगे और रोजगार, उद्योग तथा समृद्धि के नए अध्याय लिखेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी नई औद्योगिक नीति के तहत हाल ही में छत्तीसगढ़ में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए हैं और इन प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू हो गया है। इस नीति के आने के बाद से एआई, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर में काफी तरक्की हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण एवं औद्योगिक परिवेश से समृद्ध हमारा छत्तीसगढ़, सुशासन सरकार की नीतियों के बल पर आज निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। हैदराबाद में आयोजित 'छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट' में प्राप्त नए निवेश प्रस्ताव उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों के सृजन के साथ प्रदेश के समग्र विकास को नई गति देंगे।
बस्तर का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर इलाका पिछले 40-50 साल से विकास से अछूता रहा। वहां मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। अच्छी बात यह है कि जब डबल-इंजन सरकार सत्ता में आई तो हम नक्सलवाद को खत्म करने में सफल रहे। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ हमने विकास के काम भी शुरू किए।