केंद्र को कर्मचारियों का ख्याल नहीं : आप
सफाई कर्मचारियों पर पुलिसिया लाठीचार्ज पर बोले आप नेता
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर कचरा फैलाने का बदला दिल्ली की जनता भाजपा से 2019 में भाजपा से लेगी।
यह उम्मीद जताते हुए आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडेय ने कहा कि दिल्ली की सरकार ने 500 करोड़ निगम को दिए हैं लेकिन केंद्र सरकार को सफाई कर्मचारियों का बिल्कुल ख्याल नहीं है।
वहीं पूर्वी दिल्ली की प्रभारी आतिशी ने कहा कि भ्रम फैलाया जा रहा है कि दिल्ली सरकार की वजह से सफाई कर्मचारियों का पैसा नहीं मिल रहा है। जबकि दिल्ली सरकार ने बाकी सरकारों के मुकाबले निगमों को ज्यादा पैसा दिया है।
उन्होंने बताया कि 2013-14 में जब शीला दीक्षित की सरकार थी तब पूर्वी निगम को 287 करोड़ दिए गए व 2014-15 में जब दिल्ली में राष्ट्रपति शासन था तब केंद्र में भाजपा की सरकार थी सिर्फ 396 करोड़ दिए गए थे। लेकिन आज आदमी पार्टी ने 2016-17 में दिल्ली सरकार ने 948 करोड़ रुपए दिए हैं।
इस साल में मात्र 6 महीने में 772 करोड़ रुपए निगमों को दिया जा चुका है। इस पर मुख्यमंत्री को बहस की चुनौती देते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि सच बोलने वालों पर आम आदमी पार्टी की सरकार और उनके मुखिया का बयान कोई नया नहीं है इससे उनका चाल चरित्र और चेहरा स्पष्ट रूप से जनता के सामने आता है।
तिवारी ने कहा कि निगम के फंड को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री जनता को गुमराह कर रहे हैं व एमसीडी में हार का बदला लेकर उसे पंगू बना रहे हैं। मैं चुनौती देता हूं कि बहस करें मैं तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि आज जब दिल्ली की जनता पेट्रोल व डीजल पर राहत के लिए अपने मुखिया की ओर आस लगाए बैठी है तब दिल्ली के मुख्यमंत्री केवल झूठ की गंदी राजनीति कर रहे हैं।
दिल्ली की जनता अपने आपको ठगा सा महसूस कर रही है और आने वाले चुनाव मे जनता इसका जवाब देगी।
सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज निंदनीय : माकन
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारियों पर आज दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि जो सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में संसद मार्ग पर शांति पूर्ण तरीके से धरने पर बैठने के लिए जा रहे थे, उन पर भाजपा के इशारे पर बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज किया गया, जो कि न सिर्फ अलोकतांत्रिक कदम है बल्कि सफाई कर्मचारियों के मानव अधिकारों का भी सीधा-सीधा हनन है।
भाजपा शासित नगर निगम तथा केंद्र सरकार ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को मानने की जगह उनकी आवाज को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लेकर उन पर लाठी चार्ज किया है। जबकि सफाई कर्मचारी एक सैनिक की तरह दिल्ली को साफ रखने का कार्य करते हैं।