गोदरेज ग्रुप में बड़ा बदलाव: नादिर गोदरेज 25 साल बाद हो रहे रिटायर, पिरोजशा संभालेंगे कमान

नादिर गोदरेज अपने 25 वर्षों के कार्यकाल के बाद 13 अगस्त को गोदरेज इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 14 अगस्त से उन्हें कंपनी में चेयरमैन एमेरिटस की नई जिम्मेदारी दी जाएगी

Update: 2026-04-13 17:56 GMT

नई दिल्ली। नादिर गोदरेज अपने 25 वर्षों के कार्यकाल के बाद 13 अगस्त को गोदरेज इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद 14 अगस्त से उन्हें कंपनी में चेयरमैन एमेरिटस की नई जिम्मेदारी दी जाएगी।

यह परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है, जब नादिर गोदरेज अगस्त में 75 साल के हो जाएंगे, और इसके साथ ही गोदरेज ग्रुप में उनके 25 साल के लंबे प्रभावशाली नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण दौर खत्म हो जाएगा। उनकी लीडरशिप में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने ना केवल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि इनोवेशन के कई नए रिकॉर्ड भी बनाए।

कंपनी के बोर्ड ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें चेयरमैन एमेरिटस का पद देने का फैसला किया है। इस भूमिका में वह अपने भाई आदि गोदरेज के साथ जुड़ेंगे।

कंपनी ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में कहा, "13 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में नादिर गोदरेज के रिटायर होने की इच्छा को स्वीकार किया गया। साथ ही उनके दशकों के योगदान और मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए उन्हें नई भूमिका दी गई है।"

लीडरशिप बदलाव के तहत पिरोजशा गोदरेज 14 अगस्त से बोर्ड के चेयरपर्सन और गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरपर्सन का पद संभालेंगे। उन्हें अभी से चेयरपर्सन-डिजिग्नेट बनाया गया है, जिससे साफ है कि कंपनी में यह बदलाव पहले से तय योजना के तहत हो रहा है।

इसके अलावा, बोर्ड ने बुर्जिस गोदरेज को कंपनी में नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है।

नादिर गोदरेज, गोदरेज इंडस्ट्रीज के अलावा गोदरेज एग्रोवेट और एस्टेक लाइफसाइंसेज में भी अपनी जिम्मेदारियां छोड़ेंगे, जहां वह चेयरपर्सन और डायरेक्टर की भूमिका में थे।

भारतीय उद्योग जगत के अनुभवी नेता नादिर गोदरेज ने कंपनी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है, खासकर एनिमल फीड, कृषि उत्पाद और केमिकल्स के क्षेत्र में।

रिसर्च में उनकी गहरी रुचि के चलते उन्होंने कृषि रसायन और सर्फेक्टेंट्स के क्षेत्र में कई पेटेंट हासिल किए हैं, जिससे इस सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा मिला है।

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