RBI ने सोना बेचने की खबरों को बताया गलत, गोल्ड रिजर्व 880.52 टन पर स्थिर

केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। RBI ने आम जनता और निवेशकों को सलाह दी कि वे केवल केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अपुष्ट खबरों से भ्रमित न हों।;

Update: 2026-06-03 09:48 GMT

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने सोने के भंडार को लेकर चल रही खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बुधवार को जारी बयान में केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि फिजिकल गोल्ड रिजर्व में कोई कमी नहीं हुई है और यह 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है। RBI ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा गया है, जो पूरी तरह गलत है।

RBI ने खबरों को बताया भ्रामक

केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। RBI ने आम जनता और निवेशकों को सलाह दी कि वे केवल केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अपुष्ट खबरों से भ्रमित न हों। इसी बीच प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी इन दावों पर फैक्ट-चेक जारी करते हुए उन्हें भ्रामक बताया है।

कहां से शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा विवाद ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के डेटा के हवाले से दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच अपनी विदेशी मुद्रा संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए सोने का एक हिस्सा बेचा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण RBI ने लिक्विड फॉरेक्स एसेट्स को प्राथमिकता दी है।

12 अरब डॉलर के सोना बेचने का दावा 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि RBI ने संभवतः 22 मई तक के दो हफ्तों में लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा और इसके साथ ही 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा संपत्तियों की खरीद भी की। रिपोर्ट के अनुसार, यह गतिविधि ऐसे समय में हुई जब सोने के आयात शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद बैंक के गोल्ड रिजर्व में बड़ा बदलाव देखा गया। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिजर्व का उपयोग कर रहा है।

RBI के आंकड़े क्या कहते हैं?

RBI ने अपने आधिकारिक आंकड़ों में स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक भारत के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना मौजूद था। यह आंकड़ा 31 मार्च 2025 के 879.58 मीट्रिक टन की तुलना में थोड़ा अधिक है। इसका मतलब है कि इस अवधि में सोने के भंडार में 0.94 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है, न कि कमी। केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह तथ्य स्पष्ट करता है कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान सोने की बिक्री नहीं हुई, बल्कि भंडार में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सोने के भंडारण की व्यवस्था

RBI ने यह भी जानकारी दी कि कुल 880.52 मीट्रिक टन सोने में से 312.32 मीट्रिक टन सोना ‘इश्यू डिपार्टमेंट’ के पास रखा गया है, जबकि 568.20 मीट्रिक टन सोना ‘बैंकिंग डिपार्टमेंट’ के अंतर्गत सुरक्षित है। इसके अलावा, RBI ने बताया कि अपने विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के पास सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने सोने के भंडारण का एक बड़ा हिस्सा देश के भीतर भी स्थानांतरित किया है।

सोने की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत में यह 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह रुझान दर्शाता है कि भले ही कुल भंडार स्थिर रहे, लेकिन सोने की हिस्सेदारी में सुधार हुआ है, जो आरबीआई की संतुलित निवेश रणनीति को दर्शाता है।

अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील

RBI ने अपने बयान के अंत में लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। केंद्रीय बैंक ने दोहराया कि उसके विदेशी मुद्रा और सोने के भंडार से जुड़ी सभी जानकारी समय-समय पर आधिकारिक रिपोर्टों के माध्यम से सार्वजनिक की जाती है। फिलहाल, RBI के स्पष्टिकरण के बाद यह मामला काफी हद तक शांत हो गया है, लेकिन इसने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि संवेदनशील आर्थिक डेटा को लेकर गलत व्याख्याएं किस तरह बाजार में भ्रम पैदा कर सकती हैं।

Tags:    

Similar News