प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही मर्जी से खरीद सकेंगे सामग्री
बिलासपुर ! प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् हितग्राही अपनी मर्जी से निर्माण सामग्री खरीद सकेंगे। उन्हें रेत, गिट्टी, सीमेंट, छड़ ठेकेदार से लेने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने ग्राम चपोरा में की घोषणा, अधिकारी तय नहीं करेंगे कहां से क्या खरीदें समाधान शिविर में हुए शामिल
बिलासपुर ! प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् हितग्राही अपनी मर्जी से निर्माण सामग्री खरीद सकेंगे। उन्हें रेत, गिट्टी, सीमेंट, छड़ ठेकेदार से लेने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज ग्राम चपोरा के समाधान शिविर में ग्रामीणों के समक्ष यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज जिले में लोक सुराज अभियान के तहत् भ्रमण करते हुए कोटा विकासखण्ड के ग्राम चपोरा में आयोजित समाधान शिविर पहुंचे और ग्रामीणों से रूबरू हुए। ग्रामीणों के समक्ष एक-एक करके विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बुलाया और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम चपोरा के तालाब को भरने के लिए सोलर पंप हेतु 10 लाख रूपये, साथ ही चपोरा बाजार में अटल परिसर निर्माण हेतु 20 लाख रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के जो भी आवेदन आये हैं, उन सभी का निराकरण किया जाये। जो भीकाम हो रहे हैं, उनमें गतिशीलता बढ़ाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। सबसे पहले पीएचई के अधिकारी को बुलाया और पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली। ग्रामीणों की मांग पर चपोरा में नलजल के पाईप लाईन का मरम्मत एक सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया। साथ ही बाकी गांव में भी पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखने की हिदायत दी। राजस्व के सामान्य मामलों सीमांकन, बंटवारा, फौती नामांतरण के शत्प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिये। ग्रामीणों से कहा कि जिनके आवेदनों का निराकरण नहीं हुआ है वे अभी बताएं। एक ग्रामीण ने शिकायत किया कि पटवारी को निलंबित किया गया था, किन्तु 10 वर्ष से इसका विभागीय जांच लंबित है। मुख्यमंत्री ने एक हफ्ते भीतर जांच करने और दोषी पाये जाने पर पटवारी को तुरंत निलंबित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व के एक-एक मामलों का निराकरण 20 मई तक होना चाहिए। समाधान शिविर का मतलब है कि शिकायतों का निराकरण हो, साथ ही लोगों को योजनाओं की जानकारी मिले।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत् 140 रूपये में गैस चूल्हा व सिलेण्डर हितग्राहियों को दिया जा रहा है। आसपास के 10 ग्राम पंचायतों में भी 670 हितग्राहियों को चूल्हा दिया गया है। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि योजनाओं से खुश है कि नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से कहा कि मकान वे समय पर बनाएं तथा निर्माण का फोटो भेजें जिससे उन्हें पैसा जारी होगा। आवास निर्माण की निरंतर मानिटरिंग भी होगी।
गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
लोक सुराज अभियान में प्रधानमंत्री आवास के लिए इस कलस्टर में 1713 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें 506 पात्र पाये गये। मुख्यमंत्री ने पात्र लोगों के नाम पंचायतों में चस्पा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवास दिलाने के नाम पर जो लोग पैसा मांगते हैं या लेन-देन करते हैं। उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जायेगी। आवास या सौर सुजला के लिए किसी को भी पैसे देने की जरूरत नहीं है। योजना की जानकारी आम लोगों को मिले और बीच के लोग गड़बड़ न करें। यह देखने के लिए ही गांव-गांव घुम रहे हैं।
मनरेगा का लंबित भुगतान 15 दिवस के भीतर
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को बताया कि मनरेगा के भुगतान के लिए पैसा आ गया है और लंबित भुगतान उनके खातें में 15 दिवस के भीतर कर दिया जायेगा। लोक सुराज अभियान में कोई भुगतान लंबित नहीं रहेगा। सभी पुराने हिसाब-किताब बराबर किये जायेंगे।
शतप्रतिशत पारे मजरे-टोले में होगा विद्युतीकरण
मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारी को दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना व मुख्यमंत्री पाराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत् क्षेत्र में सभी ग्रामों, पारे-टोले, मजरे का शत्प्रतिशत विद्युतीकरण इस वित्तीय वर्ष में करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री हेल्थ स्मार्ट कार्ड योजना में 50 हजार रूपये तक ईलाज मुफ्त में कराया जा सकता है। इसलिए हर हितग्राही के पास हेल्थ स्मार्ट कार्ड होना चाहिए। विकलांग सर्टिफिकेट समय पर बनें। उचित मूल्य दुकानों में चांवल की गुणवत्ता के बारे में पुछा। तेन्दुपत्ता संग्राहकों को भुगतान के बारे में जानकारी ली। इस कलस्टर में गत् वर्ष 5383 संग्राहकों को 41 लाख का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दुपत्ता संग्रहण के लिए प्रति सैकड़ा 180 रूपये पारिश्रमिक मिलेगा और उतना ही बोनस भी इसलिए संग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा तेन्दुपत्ता संग्रहण करना चाहिए।
कोचियों पर सख्ती से हो कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने ग्राम चपोरा एवं आस-पास शराब की अवैध बिक्री करने वाले सक्रिय कोचियों पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस विभाग के अधिकारी को दिया। जो भी विक्रय करते पाये जाये उनके वाहन भी जप्त कर लें। आगामी 15 दिवस के भीतर क्षेत्र में यह अवैध शराब बिक्री की गतिविधि पूरी तरह समाप्त हो जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्वयं लिया आवेदन
समाधान शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जो भी आवेदन लेकर आये हैं, उन्हें दे सकते हैं। इसके बाद आवेदन देने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा।
मुख्यमंत्री ने धैर्यपूर्वक लोगों की बातें सुनी और उनसे आवेदन लेकर मुख्य सचिव विवेक ढांढ और जिला कलेक्टर अन्बलगन पी. को कार्रवाई हेतु सौंपे। मुख्यमंत्री के साथ छ.ग. शासन के मुख्य सचिवविवेक ढांढ, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रजत कुमार भी समाधान शिविर में उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर अन्बलगन पी., पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जे.पी.मौर्य, अतिरिक्त कलेक्टर के.डी.कुंजाम सहित जिला पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।