जहां शराब दुकानों का निर्माण वहीं विरोध
बिलासपुर ! राज्य में चौरतफा शराबबंदी की मांग हो रही है। वहीं सरकार स्वयं ही शराब बेचने के लिए दुकानों का निर्माण करवा रही है।
बिलासपुर ! राज्य में चौरतफा शराबबंदी की मांग हो रही है। वहीं सरकार स्वयं ही शराब बेचने के लिए दुकानों का निर्माण करवा रही है। जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि स्टेट हाईवे व नेशनल हाईवे से पांच सौ मीटर दूर ही शराब की दुकानें होनी चाहिए। इस तरह जिले में 36 शराब दुकानें प्रभावित हुई है। अब आबकारी अमला जहां दुकान बनाने जा रहा है वहीं उसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। नई दुकानों का निर्माण भी चुनौती से कम नहीं है। इसी कड़ी में शासन के शराब बेचने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती भी दी गई है। मार्च माह खत्म होने 20 ही दिन शेष है। ऐसे में दुकानें सुचारु होने की संभावना कम लग रही है।
नई आबकारी नीति के तहत् 1 अप्रैल से कार्पोरेशन के माध्यम से शराब की बिक्री सरकार करेगी वहीं सरकार के शराब बेचने के फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है। जिले में 26 नई दुकानें बनाई जा रही है। लेकिन आबकारी अमला जहां भी शराब दुकानें बनाने जा रहा है वहीं विरोध शुरू हो रहा है। अधिकारी शासन का आदेश बताकर आम लोगों की आवाज को दबा रहे हैं। नगरीय निकाय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। ग्राम पंचायत पदाधिकारियों को भी शासन का दबाव है और शराब दुकानें बनाने के लिए विवश किया जा रहा है।
शहर में भी शराब दुकान निर्माण का भारी विरोध जारी है। पिछले कई दिनों से रोज राजनैतिक दल, महिलाएं दुकान निर्माण का विरोध कर रहे हैं। हेमूनगर, सरकंडा क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों के नागरिक आए दिन धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौप रहे हैं। शराब ठेकेदारों के लिए अंतिम माह चल रहा है। मार्च खत्म होते ही उनका बोरिया बिस्तर बंध जाएगा और सरकारी स्तर पर शराब की बिक्री शुरू होगी। शासन की मुसीबत यह है कि करोड़ों का राजस्व वह एक झटके में कैसे हाथ से जाने दे। शराबबंदी की मांग पर शासन का नजरिया फिलहाल की मांग पर शासन का नजरिया फिलहाल कुछ अलग है। शासन धीरे-धीरे शराबबंदी की दिशा में कदम उठाने की बात कह रही है। इनके लिए शराबबंदी वाले राज्यों बिहार, केरल आदि का प्रतिनिधि मंडल दौरा कर जायजा लेगा फिर अपनी रिपोर्ट देगा। बहरहाल, स्थिति विकट बन गई है। क्योंकि लोग सरकार द्वारा शराब बिक्री का ही विरोध नहीं कर रहे वरन इस पर पूरी तरह रोक लगाने कमर कस चुके हैं।
विधान सभा में भी याचिका
सामाजिक संगठन फोरम फार जस्टिस के संयोजिका ममता शर्मा का कहना है कि शासन के शराब बेचने के खिलाफ लगाई गई याचिका पर हमने पूर्ण शराबबंदी की भी मांग की है। साथ ही विधानसभा की याचिका कमेटी में भी याचिका लगाई जाएगी ताकि हमारे मौलिक अधिकार व स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति की सुनवाई हो सके व विधायक आपसी सहमति बनाकर संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा करें।
शराब दुकान हटाने महिलाएं पहुंची कलेक्ट्रेट
सकरी नगर पंचायत की महिलाओं ने सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंच शराब दुकान हटाने की मांग की।
आज नगर पंचायत सकरी से सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने पार्षद के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर शराब दुकान हटाने की मांग की। महिलाओंने बताया कि वार्ड 12 सकरी में देवी मंदिर है। इस मार्ग में आसपास के गांव सैदा, पेण्ड्रीडीह, चिचिरदा से स्कूली बच्चे आना-जाना करते हैं। नवरात्र के समय काफी भीड़ श्रद्धालुओंकी यहां रहती है। शराब दुकान खुलने से लोगों को भारी परेशानी होगी ग्रामीणों ने उक्त स्थान से शराब दुकान अन्यंत्र बनाने की मांग रखी है।
स्टेट व नेशनल हाइवे पर संचालित दुकानें
देशी दुकान विदेशी दुकान
रानीगांव तोरवा चौक
सेंदरी प्रियदर्शिनी नगर
बेलतरा जूना बिलासपुर
दयालबंद परसदा
पॉवर हाउस बेलतरा
रिस्दा सेंदरी
मस्तूरी रानीगांव
तिफरा मस्तूरी
मंगला चौक मंगला चौक
उस्लापुर कोटा
गनियारी तखतपुर
कोटा सकरी
सकरी मरवाही
तखतपुर पेण्ड्रा
गौरेला सरकंडा
जरहाभाठा प्रताप चौक
शनिचरी शनिचरी