पटना में ब्राह्मण समाज की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर 'मौन संकल्प पदयात्रा' में शामिल हुए हजारों लोग

बिहार में ब्राह्मण समाज की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को लोकमंच के बैनर तले पटना में मौन संकल्प पदयात्रा निकाली गई। लोकमंच के संस्थापक आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा के नेतृत्व में मिलर स्कूल मैदान से शुरू हुई पदयात्रा आयकर गोलंबर और विधानसभा होते हुए शहीद स्मारक पहुंची।;

Update: 2026-11-01 10:14 GMT

पटना। बिहार में ब्राह्मण समाज की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को लोकमंच के बैनर तले पटना में मौन संकल्प पदयात्रा निकाली गई। लोकमंच के संस्थापक आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा के नेतृत्व में मिलर स्कूल मैदान से शुरू हुई पदयात्रा आयकर गोलंबर और विधानसभा होते हुए शहीद स्मारक पहुंची।

आयोजकों ने इसमें करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। पदयात्रा में बिहार के पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा और गोपालगंज समेत विभिन्न जिलों से लोग पहुंचे थे। शंखनाद के साथ लोगों ने ब्राह्मण समाज की मांगों को पूरा कराने और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

मिलर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा ने कहा कि मौन संकल्प पदयात्रा के माध्यम से लोकमंच को मजबूत बनाने और समाज की मांगों को पूरा कराने का प्रण लिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार ब्राह्मण समाज अपनी मांगों को लेकर पटना में एकत्रित हुआ है। लोकमंच समाज के सभी वर्गों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगा।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज आजादी की लड़ाई से लेकर देश निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। हम वोट बैंक नहीं, बुद्धि बैंक हैं। ब्राह्मण जो बोलता है, वह करता है। उन्होंने समाज में छुआछूत को बढ़ावा देने के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अंग्रेजों की साजिश बताया। साथ ही, भूमिहार और ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम का वंशज बताते हुए दोनों के बीच एकता पर जोर दिया।

आशीष कुमार ने कहा कि ब्राह्मण समाज की उपेक्षा कर बिहार में कोई भी सरकार नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक करने और अधिकार दिलाने के लिए जल्द ही रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से ब्राह्मण समाज के गांव-गांव तक पहुंचा जाएगा। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न देने की मांग भी उठाई।

लोकमंच की 15 सूत्रीय मांगों में बिहार में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन, सरकारी पदों पर समानुपातिक भागीदारी, समाज की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करना तथा परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश शामिल हैं।

इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर की समानता, नवोदय, नेतरहाट और केंद्रीय विद्यालयों तथा इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण, संस्कृत शिक्षण संस्थानों का सुदृढ़ीकरण और वैदिक शिक्षा की व्यवस्था की मांग की गई है।

मांगों में पटना में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने, ब्राह्मण समाज के युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने, रैयती भूमि पर अवैध कब्जों की जांच, केंद्रीय स्तर पर सवर्ण आयोग के गठन और सहरसा में भारती-मंडन मिश्र के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना भी शामिल है। कार्यक्रम में अजय कुमार झा, राजेश कुमार झा, डब्बू मिश्र, पोलो झा, राजेश पाठक, टुनटुन झा, ज्योतिष झा, संतोष मिश्रा, पप्पू गिरी और प्रशांत झा समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।


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