नीतीश कुमार का एक अणे मार्ग की बजाय 7 सर्कुलर रोड होगा नया पता, सीएम हाउस से शिफ्ट होने लगा सामान
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि उनका अगला ठिकाना दिल्ली होगा और बिहार के मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा अब केवल समय की बात रह गई है।
पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आकार लेता दिख रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब धीरे-धीरे राज्य की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि उनका अगला ठिकाना दिल्ली होगा और बिहार के मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा अब केवल समय की बात रह गई है।
राज्यसभा में एंट्री, नई पारी की शुरुआत
नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया और उसके बाद राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर संसदीय राजनीति में नई पारी शुरू कर दी है। इस कदम को उनके राजनीतिक करियर के एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में उनकी एंट्री यह संकेत देती है कि अब वह राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा भी तेज हो गई है।
सीएम पद से इस्तीफे की उल्टी गिनती
हालांकि नीतीश कुमार ने अभी तक मुख्यमंत्री पद से औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम आगे बढ़ रहा है, उससे साफ है कि यह फैसला जल्द ही लिया जा सकता है। राज्यसभा में शपथ लेने के साथ ही उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की प्रक्रिया की ‘उल्टी गिनती’ शुरू मानी जा रही है। सरकारी और राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि पार्टी और गठबंधन स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मंथन जारी है, ताकि सत्ता हस्तांतरण सुचारू रूप से किया जा सके।
मुख्यमंत्री आवास खाली करने की शुरुआत
नीतीश कुमार ने भले ही अभी पद नहीं छोड़ा हो, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है। पटना स्थित ‘1 अणे मार्ग’ से उनका सामान अब ‘7 सर्कुलर रोड’ स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद से हटने वाले हैं, क्योंकि पद छोड़ने के बाद उन्हें आधिकारिक आवास खाली करना होगा।
पुराना ठिकाना, नई परिस्थिति
दिलचस्प बात यह है कि ‘7 सर्कुलर रोड’ का यह बंगला नीतीश कुमार के लिए नया नहीं है। इससे पहले भी वह यहां रह चुके हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू की हार के बाद नीतीश कुमार ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। उस समय भी वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर इसी बंगले में शिफ्ट हुए थे। अब एक बार फिर वही बंगला उनके राजनीतिक संक्रमण के दौर का गवाह बनने जा रहा है।
पहले से तय था नया आवास
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलें शुरू हुईं, उसी समय उनके नए आवास को लेकर भी योजना बना ली गई थी।‘7 सर्कुलर रोड’ स्थित बंगले को पहले ही उनके रहने के हिसाब से तैयार कर लिया गया था। इससे यह भी संकेत मिलता है कि पूरा राजनीतिक घटनाक्रम पूर्व-नियोजित रणनीति के तहत आगे बढ़ रहा है और हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है।
आगे की राजनीति पर नजर
नीतीश कुमार का दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना कई मायनों में अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका क्या होगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि उनका अनुभव और राजनीतिक पकड़ उन्हें एक प्रभावशाली खिलाड़ी बना सकती है। वहीं बिहार की राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं और गठबंधन के भीतर समीकरण साधने की कोशिशें जारी हैं।