बिहार के 'लवगुरु' को छात्राओं के साथ 'अश्लील डांस' करना महंगा पड़ा
पटना बिहार के प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और 'लवगुरु' नाम से चर्चित मटुकनाथ चौधरी को छात्राओं के साथ नृत्य करना महंगा पड़ा।
पटना बिहार के प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और 'लवगुरु' नाम से चर्चित मटुकनाथ चौधरी को छात्राओं के साथ नृत्य करना महंगा पड़ा। पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने चौधरी को निलंबित कर दिया। पटना विश्वविद्यालय के कुलसचिव जी़ क़े पिल्लई ने आईएएनएस को मंगलवार को बताया कि विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रमुख मटुकनाथ चौधरी को छात्राओं के साथ 'अश्लील डांस' करने के मामले में वाइस चांसलर (वाईसी) वाई़ सी़ सिम्हाद्रि ने निलंबित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि मटुकनाथ पर वीसी द्वारा दिए गए आदेश को भी नहीं मानने का आरोप है। मटुकनाथ के साथ ही हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ़ दिलीप राम को भी अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर मटुकनाथ और अवकाश प्राप्त शिक्षक डा़ॅ शंकर प्रसाद की छात्राओं के साथ नृत्य करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में सही पाए जाने के बाद यह कारवाई की गई।
गौरतलब है कि करीब 10 वर्ष पूर्व अपने से आधी उम्र की छात्रा जूली से प्रेम संबंध के चलते मटुकनाथ चर्चा में आए थे। इसके बाद वह 'लवगुरु' नाम से चर्चित हो गए।
पटना विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई, 2006 को मटुकनाथ को बी़ एऩ कॉलेज के हिंदी विभाग के रीडर पद से निलंबित कर दिया था। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन पर अपनी कक्षा में बाहरी लोगों को बैठाने व अमर्यादित आचरण करने का आरोप लगा था। दो साल बाद हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मटुकनाथ की बर्खास्तगी रद्द कर दी थी।