बंगाल : निर्वाचन आयोग ने विस्तारित नामांकन तिथि वापस ली
पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के हाथों की कठपुतली की तरह कार्य करने का अरोप लगाया और अदालत का दरवाजा खटखटाया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के हाथों की कठपुतली की तरह कार्य करने का अरोप लगाया और अदालत का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के अपने आदेश को वापस ले लिया था, जिसके बाद विपक्ष ने यह आरोप लगाया। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाने के फैसले के कुछ ही घंटों बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार सुबह कानूनी मुद्दों का हवाला देते हुए अपना आदेश वापस ले लिया था।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. सिंह द्वारा जारी नए आदेश में कहा गया है, "सभी कागजों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपने पिछले आदेश को वापस लेता है और इसलिए नौ अप्रैल, 2018 की तारीख वाले आदेश को रद्द किया जाता है।"
फैसले का विरोध कर रही भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और नए आदेश पर रोक लगाने को कहा। साथ ही भाजपा ने अगले माह होने वाले पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से संबंधित राजनीतिक दलों और लोगों द्वारा दाखिल शिकायतों की जांच करने को भी कहा है।
भाजपा राज्य इकाई के महासचिव प्रताप बनर्जी ने अदालत के बाहर कहा, "अदालत ने 10 अप्रैल (मंगलवार) को जारी राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। अदालत ने ईसी को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से संबंधित राजनीतिक दलों और लोगों द्वारा दाखिल शिकायतों की जांच करने का भी आदेश दिया है।"