अभाविप के महामंत्री व विवि अध्यक्ष से मारपीट

अंबिकापुर ! सोशल साइट फेसबुक में शुरू हुई वार रियल वार में तब्दील हो गई। यह हादसा अम्बिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के मिश्रा होटल में हुआ,

Update: 2017-05-08 03:53 GMT

दो छात्र संगठन भिड़े, थाने में जोगी समर्थकों का जमावड़ा
अंबिकापुर !   सोशल साइट फेसबुक में शुरू हुई वार रियल वार में तब्दील हो गई। यह हादसा अम्बिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के मिश्रा होटल में हुआ, जहां जोगी कांग्रेस के छात्र संगठन के लोगो ने अभाविप के महामंत्री उपेन्द्र यादव की जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान हमले में उपेन्द्र यादव का सर फट गया, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया था।
जानकारी के अनुसार उपेन्द्र यादव की एमएलसी दौरान सरगुजा विश्व विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष नीलेश गुप्ता के साथ भी मारपीट की गई है। बहरहाल दोनों छात्र संगठन आपस में भिड़े हैं या फिर एक पक्ष ने ही दूसरे पक्ष पर हमला बोला है इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने मामले में 5 लोगो पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष उपेन्द्र पांडेय, अंकित कश्यप, अंकेश तिवारी, आशीष तिवारी के खिलाफ  मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश आईटी सेल ने अजीत जोगी की एक फोटो हनुमान जी के साथ अपलोड की थी जिस पोस्ट को लेकर सोशल साइट में इन दोनों पक्षो की वार चल रही थी लेकिन किसे पता था कि झगड़ा इतना बढ़ जाएगा और नौबत मारपीट तक आ जायेगी, वही इस घटना के बाद अंबिकापुर सिटी कोतवाली थाने में जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दानिश रफीक अपनी टीम के साथ मौजूद थे। थाने में गहमा गहमी का माहौल बना हुआ था। इसी बीच हालात को देखते हुए एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा स्कूटी से ही रात में थाने पहुंच गए थे। पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष उपेन्द्र पांडेय, अंकित कश्यप, अंकेश तिवारी, आशीष तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और पीडि़त युवक का कहना है कि जोगी कार्यकर्ता जब शब्दों से जवाब नहीं दे पाए तो मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में मेरे साथी के साथ भी जोगी कार्यकर्ताओं ने मारपीट की है।
इस मामले में टीम जोगी के उपेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि फेसबुक पर चल रही बहस को लेकर ये लोग मिलने के लिए बुलाये थे और जब वहां हम लोग बात करने पहुंचे तो अभाविप के लोग मारपीट और सत्ता की धमकी पर उतारू हो गए। विवाद के दौरान हम लोगो को सत्ता के दबाव में फर्जी मामले में अन्दर कराने की धमकी भी दीै गई थी। इस मामले में सीएसपी आरएन यादव ने बताया कि मारपीट की शिकायत ले ली गई है। अभी मामले की जांच कराई जायेगी और जांच के बाद ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सकेगी।
छजकां कार्यकर्ता बैठै धरने पर
मारपीट के मामले में पुलिस ने छजकां के उपेंद्र पांडेय, मनीष तिवारी, अंकित कश्यप, अंकेश तिवारी को रविवार को एसडीएम न्यायालय में पेश किया। जहां उन्हें जमानत नहीं मिली। जमानत नहीं मिलने को लेकर छजकां के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गये और एसडीएम न्यायालय के सामने धरने पर बैठ गये। कार्यकर्ताओं का कहना था कि 151 की धारा में आमतौर पर जमानत दे दिया जाता है, लेकिन जमानत नहीं मिलना उनके समझ से परे है। समाचार लिखे जाने तक छजकां कार्यकर्ता धरने पर बैठे हुये थे। पुलिस बल भी काफी संख्या में मौजूद थी। गहमा-गहमी की स्थिति बनी हुई थी।

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