अफगान सिखों को भारत की नागरिकता मिले : सिरसा

अफगानिस्तान में तालिबान कब्जे के बाद से अफगान नागरिकों ने अपना देश छोड़ना शुरू कर दिया है

Update: 2021-08-24 22:42 GMT

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान कब्जे के बाद से अफगान नागरिकों ने अपना देश छोड़ना शुरू कर दिया है, इसी कड़ी में अफगानिस्तान से आये सिख नागरिकों को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के निर्वतमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा केंद्र सरकार से एक बड़ी मांग रखी है। सिरसा ने केंद्र सरकार से नागरिकता संसोधिन कानून (सीएए) की कट ऑफ डेट बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने इसको लेकर गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भी लिखा है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि, अफगान नागरिकों ने यह मांग रखी है कि हम अपने बच्चों को कैसे रख पाएंगे, स्कूलों में बच्चों के एडमिशन, कारोबार कैसे खोल सकेंगे आदि को लेकर नागरिकता की जरूरत पड़ेगी।

उन्होंने आगे कहा कि, इन सभी अफगान सिखों के पास कोई और विकल्प ही नहीं है। मैंने आग्रह किया कि जिस तरह इन्हें अफगानिस्तान से निकाला है उसी तरह यहां की नागरिकता भी दी जाए।

दरअसल सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि सीएए में संशोधन करके उसकी कट ऑफ डेट 2014 से 2021 की जाए, ताकि अफगानिस्तान से आए लोगों को इसका लाभ मिल सके।

हालांकि सिरसा के अनुसार जिस तरह से सरकार अफगान से सिखों को निकाल रही है, आगामी दिनों में अफगानिस्तान से दिल्ली करीब 300 सिख और पहुंचेंगे, फिलहाल करीब 70 अफगान सिख दिल्ली आ चुके हैं।

अफगानिस्तान के हालातों को देखते हुए वहां से बहुत से हिंदू और सिख भारत आना चाहते हैं। जिसके लिए केंद्र सरकार हर संभव कदम उठा रही है।

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