पर्यटन विकास के सुझाव देने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया

बाढ़ की समस्या से निपटने तथा पनबिजली, कृषि, जैवविविधता संरक्षण, भूक्षरण, जल परिवहन, वानिकी, मछलीपालन और पर्यटन विकास के सुझाव देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।  

Update: 2017-10-15 14:32 GMT

नयी दिल्ली। असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूरे पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से निपटने तथा पनबिजली, कृषि, जैवविविधता संरक्षण, भूक्षरण, जल परिवहन, वानिकी, मछलीपालन और पर्यटन विकास के सुझाव देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।  

सूत्रों ने आज यहां बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असम, मणिपुर, नगालैंड तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्रियों के साथ एक बैठक के बाद पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में जल संसाधनों के समग्र प्रबंधनों के लिए उच्‍च स्‍तरीय समिति बनाने की घोषणा की थी। बैठक में कहा गया था कि जल संसाधनों का अधिकतम प्रबंधन बहुपक्षीय कार्य है और इसके लिए बहुक्षेत्रीय सक्रियता तथा ठोस रणनीति की आवश्‍यकता होगी। इसमें क्षेत्र के उपरी भाग में जलग्रहण क्षेत्रों का प्रबंधन शामिल है।

समिति जल प्रबंधन से पनबिजली, कृषि, जैवविविधता संरक्षण, भूक्षरण रोकने , जल परिवहन, वानिकी, मछलीपालन और पर्यटन को प्रोत्साहन देने के संबंध में सुझाव देगी। समिति का समन्वय कार्य पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय करेगा। यह समिति कार्य योजना सहित अपनी रिपोर्ट जून 2018 तक देगी।
 

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