Assam: जालुकबारी से हिमंता तो दिसपुर से बोरदोलोई को टिकट, असम भाजपा की पहली सूची में 88 उम्मीदवारों के नाम
इस सूची का सबसे चर्चित नाम प्रद्युत बोरदोलोई का है। बोरदोलोई हाल तक कांग्रेस के सांसद थे और नागांव लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दिया और अगले ही दिन भाजपा में शामिल हो गए।
नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 88 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने कई बड़े चेहरों पर भरोसा दोहराया है, वहीं कुछ नए नामों को भी मौका देकर संतुलन बनाने की कोशिश की है। खास बात यह रही कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई को तुरंत टिकट दे दिया गया है।
भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 के लिए निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। (1/2) pic.twitter.com/awNLn35Laa
— BJP (@BJP4India) March 19, 2026
CEC बैठक में उम्मीदवारों पर मुहर
भाजपा की ओर से जारी बयान के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन के लिए केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक बुधवार को आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने की। लंबे मंथन के बाद 88 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि पार्टी चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है।
दिसपुर से प्रद्युत बोरदोलोई
इस सूची का सबसे चर्चित नाम प्रद्युत बोरदोलोई का है। बोरदोलोई हाल तक कांग्रेस के सांसद थे और नागांव लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दिया और अगले ही दिन भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें राजधानी दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इस फैसले के तहत भाजपा ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य का टिकट काट दिया है, जो अब तक इस सीट से जुड़े रहे थे।
मुख्यमंत्री सरमा जालुकबारी से लड़ेंगे चुनाव
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा एक बार फिर जालुकबारी सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। यह उनकी मजबूत सीट मानी जाती है और पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है।
वरिष्ठ नेताओं को दोबारा मौका
भाजपा ने अपने कई मौजूदा मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को फिर से टिकट देकर निरंतरता बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं: पीयूष हाजरिका (जागीरोड), जयंत मल्ल बरुआ (नलबाड़ी), अशोक सिंघल (ढेकियाजुली), अजंता नेओग (गोलाघाट), चंद्रमोहन पाटोवारी (तिहू), रूपेश गोवाला (डूमडूमा)। इन नेताओं को उनकी मौजूदा सीटों से ही मैदान में उतारा गया है, जिससे पार्टी का भरोसा और स्थिरता का संदेश साफ झलकता है।
11 विधायकों के टिकट कटे, नंदिता गार्लोसा बाहर
इस सूची में भाजपा ने कुछ बड़े बदलाव भी किए हैं। पार्टी ने 11 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया है, जो संगठन में बदलाव और नई रणनीति का संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा नाम कैबिनेट मंत्री नंदिता गार्लोसा का है, जिन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया। यह फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गुवाहाटी में पूरी तरह नई रणनीति
भाजपा ने गुवाहाटी के सभी विधानसभा क्षेत्रों में नए उम्मीदवार उतारकर चौंकाया है। शहरी क्षेत्रों में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी शहरों में एंटी-इंकंबेंसी को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतरना चाहती है।
हाई-प्रोफाइल मुकाबले की तैयारी
इस सूची में कुछ सीटें बेहद हाई-प्रोफाइल मानी जा रही हैं। खासतौर पर जोरहाट सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। यहां भाजपा ने पूर्व स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी को मैदान में उतारा है, जिनका सामना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई से होगा। यह सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को तामुलपुर से और भूपेन बोरा को बिहपुरिया से उम्मीदवार बनाया गया है।
क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व
भाजपा ने अपनी सूची में ब्रह्मपुत्र घाटी और बराक घाटी दोनों क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारकर क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। सूची में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं और नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी दीर्घकालिक रणनीति पर भी काम कर रही है।
महिला उम्मीदवारों को भी मिला मौका
भाजपा ने इस सूची में पांच महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इनमें अजंता नेओग, नीलिमा देवी, ज्योत्स्ना कलिता समेत अन्य नाम शामिल हैं। हालांकि संख्या सीमित है, लेकिन पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखने की कोशिश की है।
चुनाव को लेकर पूरी तैयारी
भाजपा की पहली सूची से साफ है कि पार्टी असम चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में है। जहां एक ओर अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया गया है, वहीं दूसरी ओर नए चेहरों को मौका देकर बदलाव का संकेत भी दिया गया है। प्रद्युत बोरदोलोई को तुरंत टिकट देना, गुवाहाटी में सभी नए उम्मीदवार उतारना और कई विधायकों के टिकट काटना, ये सभी फैसले बताते हैं कि भाजपा इस बार चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष इस रणनीति का कैसे जवाब देता है और आने वाले दिनों में बाकी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा किस तरह की जाती है।